Click Here
Click Here
Click Here

आखिर क्या है रुगड़ा? क्यों कहा जाता है झारखंड के ‘जंगल का सोना’?

News Wave Desk : बारिश की पहली फुहार पड़ते ही झारखंड के हाट-बाजारों में एक खास चीज नजर आने लगती है. लोग...

What is Rugda

News Wave Desk : बारिश की पहली फुहार पड़ते ही झारखंड के हाट-बाजारों में एक खास चीज नजर आने लगती है. लोग इसे खरीदने के लिए लंबी कतारों में खड़े रहते हैं और कई बार इसकी कीमत 2 हजार रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है. आखिर क्या है रुगड़ा? यह कहां मिलता है? इसके क्या फायदे हैं? और इसे कैसे बनाया जाता है? आइए जानते हैं.

क्या है रुगड़ा?

रुगड़ा कोई सब्जी नहीं, बल्कि एक जंगली खाद्य मशरूम (Wild Edible Mushroom) है. यह सामान्य मशरूम की तरह जमीन के ऊपर नहीं उगता, बल्कि साल (सखुआ) के पेड़ों के नीचे मिट्टी के अंदर प्राकृतिक रूप से विकसित होता है. यही वजह है कि इसे ढूंढना आसान नहीं होता. रुगड़ा मुख्य रूप से झारखंड के जंगलों में मिलता है. खासकर रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, लातेहार, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और आसपास के साल जंगलों में इसकी अच्छी पैदावार होती है. इसके अलावा ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के कुछ वन क्षेत्रों में भी यह पाया जाता है.

रुगड़ा कब मिलता है?

रुगड़ा सिर्फ मानसून के मौसम में मिलता है. आमतौर पर जून के अंत से अगस्त या सितंबर तक इसका सीजन रहता है. पूरे साल इंतजार के बाद यह केवल 40–45 दिनों के लिए बाजार में आता है. इसलिए इसकी मांग हमेशा ज्यादा रहती है. रुगड़ा की खेती बड़े पैमाने पर नहीं होती. इसे जंगल से खोजकर लाना पड़ता है. ग्रामीण और आदिवासी परिवार सुबह-सुबह जंगलों में जाकर मिट्टी खोदकर इसे निकालते हैं. शुरुआत में इसकी कीमत 1500 से 2000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है. बाद में आवक बढ़ने पर दाम कम हो जाते हैं.

रुगड़ा के फायदे क्या हैं?

रुगड़ा सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है.

  • प्रोटीन का अच्छा स्रोत
  • फाइबर से भरपूर
  • आयरन, पोटैशियम और फॉस्फोरस जैसे खनिज तत्व मौजूद
  • शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले जैव सक्रिय तत्व पाए जाते हैं
  • एंटीऑक्सीडेंट और सूजन-रोधी गुणों पर भी शोध चल रहे हैं.

Also Read : NTPC के मेगा प्लानिंग का सच, 2027 तक 16,000 टन प्रतिदिन कोयले की होगी ट्रांसपोर्टिंग, सड़कों पर हर रोज दौड़ेंगे 1,070 ट्रक, प्रदूषण बोर्ड ने कसा शिकंजा

बनाने का सामग्री

500 ग्राम रुगड़ा
2 प्याज (बारीक कटा)
8–10 लहसुन की कलियां
1 इंच अदरक
2 हरी मिर्च
2 टमाटर
½ चम्मच हल्दी
1 चम्मच लाल मिर्च पाउडर
1 चम्मच धनिया पाउडर
नमक स्वादानुसार
2–3 बड़े चम्मच सरसों का तेल
हरा धनिया

बनाने की विधि

सबसे पहले रुगड़े को अच्छी तरह धोकर उसकी सारी मिट्टी साफ करें. इसके बाद 8–10 मिनट तक हल्दी और थोड़ा नमक डालकर उबाल लें. उबालने के बाद पानी निकाल दें. अब एक कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें. तेल गर्म होने पर उसमें प्याज डालें और सुनहरा होने तक भून लें. फिर लहसुन, अदरक और हरी मिर्च डालकर कुछ मिनट पकाएं. अब इसमें हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और स्वादानुसार नमक डालें. मसालों को धीमी आंच पर अच्छी तरह भून लें. चाहें तो इसमें टमाटर भी डाल सकते हैं. अब उबला हुआ रुगड़ा डालकर मसाले के साथ 8–10 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं. जरूरत हो तो थोड़ा पानी डालकर 5 मिनट और पकाएं. आखिर में हरा धनिया डालकर गर्मागर्म चावल या रोटी के साथ परोसें. स्वाद की खासियत रुगड़े का स्वाद मटन जैसा माना जाता है, इसलिए इसे झारखंड का “शाकाहारी मटन” भी कहा जाता है.

add1
सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *