Ranchi: JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर पुलिस के लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल का अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विरोध किया है. ABVP ने इस कार्रवाई को शर्मनाक बताते हुए 11 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है. ABVP के अनुसार, विद्यार्थी अपनी मांगों को लेकर विधानसभा की ओर शांतिपूर्ण मार्च कर रहे थे. इसी दौरान पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज किया. संगठन ने कई विद्यार्थियों की गिरफ्तारी का भी दावा किया है. ABVP का कहना है कि कार्रवाई के दौरान कुछ मीडिया कर्मियों के साथ भी बल प्रयोग और गिरफ्तारी की घटनाएं हुईं.
संदिग्ध परीक्षाएं रद्द करने की मांग
ABVP ने मांग की है कि जिन JPSC और JSSC परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं, उन्हें रद्द कर दोबारा पारदर्शी तरीके से कराया जाए. साथ ही प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है. संगठन ने आज हुए बलप्रयोग की भी जांच कराने और दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है. इसके अलावा परीक्षा व्यवस्था में तकनीकी, प्रशासनिक और संस्थागत सुधार करने की बात कही गई है.
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हजारों विद्यार्थियों के विधानसभा मार्च का दावा
ABVP के प्रदेश मंत्री प्रकाश टूटी ने कहा कि विद्यार्थियों की आवाज को लाठी और वाटर कैनन से दबाया नहीं जा सकता. उन्होंने बताया कि 11 अगस्त को पुराने विधानसभा तिनकोनिया ग्राउंड से विधानसभा तक हजारों विद्यार्थी शांतिपूर्ण मार्च करेंगे. ABVP के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने भी पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए सरकार से विद्यार्थियों से बातचीत करने और उनकी समस्याओं का समाधान करने की मांग की है. संगठन ने कहा है कि मांगें पूरी होने तक विद्यार्थियों के समर्थन में लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा.
