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हजारीबाग: केबी महिला कॉलेज छात्रावास में सुविधाओं का अभाव, छात्राओं ने सुरक्षा और पानी की समस्या उठाई

Hazaribagh: केबी महिला कॉलेज परिसर स्थित आदिवासी बालिका छात्रावास में रह रही छात्राओं की शिकायतों के बाद जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन...

Hazaribagh: KB Women's College hostel lacks facilities, students raise security and water issues

Hazaribagh: केबी महिला कॉलेज परिसर स्थित आदिवासी बालिका छात्रावास में रह रही छात्राओं की शिकायतों के बाद जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति के मनोनीत सदस्य रमेश कुमार हेम्ब्रोम और आदिवासी छात्र संघ के उपाध्यक्ष सुशील ओडेया ने छात्रावास का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान छात्राओं ने सुरक्षा, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी से जुड़ी कई समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं. छात्राओं ने बताया कि छात्रावास के पीछे बनी बाउंड्री दीवार काफी जर्जर हो चुकी है और उसकी ऊंचाई केवल ढाई से तीन फीट है. उनका कहना है कि कई बार असामाजिक तत्व छात्रावास परिसर में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे छात्राओं में डर का माहौल बना रहता है. सुरक्षा के लिए छात्राओं ने अपने स्तर पर पुराने बेड और टेबल लगाकर रास्ता रोकने की कोशिश की है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है.

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पानी संकट से जूझ रही छात्रा

छात्रावास में लगभग 226 छात्राएं रह रही हैं. यहां पानी की गंभीर समस्या है. परिसर में दो बोरिंग हैं, जिनमें से एक पूरी तरह खराब है, जबकि दूसरे से भी केवल किसी तरह पीने भर का पानी मिल पाता है. पानी की कमी के कारण शौचालयों में भी पानी उपलब्ध नहीं है और छात्राओं को बाहर से पानी भरकर लाना पड़ता है. छात्राओं ने बताया कि वे स्वयं मेस का संचालन करती हैं, लेकिन पानी की कमी के कारण भोजन बनाने में भी काफी परेशानी होती है. कई बार रसोइयों को भी काम करने में दिक्कत होती है. इसके अलावा छात्रावास में केवल 160-165 बेड उपलब्ध हैं, जबकि रहने वाली छात्राओं की संख्या इससे कहीं अधिक है. इससे भोजन और रहने की व्यवस्था प्रभावित हो रही है.

समस्या का हो निराकरण, नहीं तो प्रदर्शन

निरीक्षण के बाद रमेश कुमार हेम्ब्रोम ने इन समस्याओं पर चिंता जताई. उन्होंने उपायुक्त से मांग की कि छात्रावास की सुरक्षा, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को एक सप्ताह के भीतर दुरुस्त कराया जाए, ताकि छात्राओं को राहत मिल सके. उन्होंने कहा कि यदि तय समय में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो छात्र-छात्राओं के सहयोग से समाहरणालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी.

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