Ranchi: झारखंड में मानसून के दौरान सामान्य से करीब 60-62 प्रतिशत कम बारिश दर्ज होने और अल नीनो (El Nino) के संभावित प्रभाव को देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में है. सरकार ने सभी जिलों के उपायुक्तों (डीसी) को बारिश की स्थिति, संभावित सूखे और वज्रपात जैसी घटनाओं पर लगातार नजर रखने तथा नियमित रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है.
औसत से कम बारिश, लेकिन हालात पर लगातार नजर
राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री ने कहा कि अब तक झारखंड में औसत से कम बारिश हुई है. हालांकि, कई इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी है. इसके साथ ही राज्य के विभिन्न हिस्सों से वज्रपात की घटनाएं भी सामने आ रही हैं, जिस पर सरकार गंभीरता से नजर बनाए हुए है.

सभी जिलों के डीसी को दिए गए निर्देश
मंत्री ने बताया कि सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बारिश की स्थिति, संभावित सूखे की परिस्थितियों और किसी भी प्रकार की आपदा से जुड़ी जानकारी नियमित रूप से राज्य सरकार को उपलब्ध कराएं, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें.
अल नीनो को लेकर सरकार सतर्क
आपदा प्रबंधन मंत्री ने कहा कि अल नीनो एक प्राकृतिक आपदा जैसी स्थिति पैदा कर सकता है और इसका असर झारखंड में भी देखने को मिल सकता है. हालांकि फिलहाल घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है. सरकार लगातार मौसम की निगरानी कर रही है और किसी भी संभावित चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.
लोगों से सतर्क रहने की अपील
मंत्री ने लोगों से मौसम विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले अलर्ट का पालन करने और विशेष रूप से वज्रपात के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.


