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BNS लागू हुए बीत गये दो साल, हत्या के लिये 302 और दुष्कर्म के लिये 376 जैसी पुरानी धाराओं को भूल नहीं पा रहे लोग

Ajay Dayal Ranchi : नये कानून को आये दो साल बीत गये. एक जुलाई 2024 को भारतीय न्याय संहिता बीएनएस BNS देश...

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Ajay Dayal 

Ranchi : नये कानून को आये दो साल बीत गये. एक जुलाई 2024 को भारतीय न्याय संहिता बीएनएस  BNS देश में लागू हुआ. लेकिन आज भी कई ऐसी धाराएं हैं जो लोगों की जुबान से नहीं उतर रहे हैं. जैसे ही लोग हत्या के लिए 302, जानलेवा हमला के लिए 307, दुष्कर्म के लिए 376 और निषेधाज्ञा के लिए 144 का ही इस्तेमाल करते हैं. उक्त आइपीसी की धारा अब पूरी तरह बदल गया है.

बीएनएस BNS में कई कानून को कठोर किया गया है

नये भारतीय न्याय संहिता में कई कानून को कठोर किया गया है. नये कानून में पुराने कानून के जो आवश्यक प्रावधान थे, उसे रखा गया है और जो गैर जरूरी थे, उसे हटा दिया गया है. इसमें अधिकतर पुरानी धाराएं बदल जायेंगी. अब हत्या के लिए 302 की जगह धारा 103(1), जानलेवा हमला या हॉफ मर्डर की धारा 307 की जगह धारा- 109, दुष्कर्म की धारा 376 की जगह धारा-64 और चोरी की धारा 379 की जगह धारा- 303(2), लूट की धारा 392 की जगह -309(4) व डकैती की धारा- 310(2) और धारा-144 को 163 हो जायेगी. उसके अलावा ठगी करने वाले 420 से बदल कर 316 और मानहानी की धारा 399 की जगह 316 हो जायेगा. भारतीय न्याय संहिता में मॉब लिंचिंग व संगठित अपराध पर अधिक सख्त रवैया अपनाया गया है. मॉब लिचिंग के लिए मृत्यु दंड का प्रावधान किया गया है. इस नये काननू की जानकारी के लिए केंद्र व राज्य सरकार कई जागरूकता कार्यक्रम की शुरूआत करने वाली है.

भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में मारपीट से संबंधित प्रकरण

पहले भारतीय दंड संहिता (भादवि) मारपीट की धारा- 323 बदल कर अब बीएनएस में 115, जबकि गैर कानूनी हथियार से हमला की धारा- 324 अब 118(1), किसी को गंभीर चोट पहुंचाने की धारा-325 की जगह अब 117, जानबुझ कर किस को अपमानित करने की धारा-504 की जगह 352, किसी को धमकी देने की धारा-506 की जगह 351(1) हो जायेगा. दो या दो से अधिक व्यक्ति की ओर से मिलकर कोई घटना को अंजाम देने की योजना या एक मत हो कर किया गया हो उसकी धारा-34 अब 3(5) होगी. भारतीय दंड संहिता में अपराधिक षडयंत्र करने की धारा-120 (बी) की जगह 61 हो जायेगा. उसी प्रकार से हत्या के लिए 302 की जगह धारा 103(1), जानलेवा हमला या हत्या की इरादे से किया गया हमला की धारा 307 की जगह धारा- 109 हो जायेगा.

महिला संबंधी अपराध

आइपीसी में महिला के साथ छेड़छाड़ की धारा-354 की जगह 74, किसी महिला को उसके मर्जी के खिलाफ अश्लील साहित्य, वीडियो या फिल्म दिखाने की धारा 354 – (ए) की जगह 75, किसी महिला की आपत्तिजनक स्थिति में तस्वीर खींचने की धारा 354-(सी) की जगह 77, महिला का पीछा करने की धारा-354-(डी) की जगह 78, किसी महिला के लज्जा के अपमान करने के इरादे से किसी प्रकार का इशारा करना, बोलना या दिखाना की धारा-509 की जगह 79 हो जायेगा. दुष्कर्म से संबंधी धारा-376 (1) अब 64(1) हो जायेगा.

विवाहित महिला संबंधी अपराध

किसी महिला के पति या उसके रिश्तेदार द्वारा महिला के साथ मारपीट व प्रताड़ित करने के मामले में भादवि की धारा- 498 ए तहत केस होता था. लेकिन यह बीएनएस में यह बदल कर 85, दहेज के लिए हत्या मामले में भादवि की धारा- 304 बी के तहत दहेज हत्या का केस होता है. अब बीएनएस में 80 (1) होगा. भादवि में आत्महत्या के उकसाने के मामले में धारा- 306 के तहत केस होता था. अब बीएनएस में 108 हो जायेगा.

किशोर संबंधी अपराध

भारतीय दंड संहिता में किसी नाबालिग लड़की को बेच देता है और लड़की का इस्तेमाल वैश्यावृति के लिए कराया जाता है. इसके लिए धारा-372 की तहत प्राथमिकी दर्ज की जाती थी. उसके स्थान पर भारतीय न्याय संहिता में 98, अवैध यौनचार के लिए नाबालिग को खरीदने की धारा-373 अब 99, इसमें पोक्सो एक्ट 2012 और जेजे एक्ट 2015 को भी समाहित किया गया है. बीएनएस नये धारा 95 को जोड़ा गया है. यह चाइल्ड लेबर से संबंधित होगा. इसमें पोनोग्राफी को भी रखा गया है.

अपहरण संबंधी अपराध

किसी अवयस्क का अपहरण करता है या कानूनी रूप से किसी अवयस्क को अपने पास रखता है उससे संबंधित धारा-363 की जगह 137-(बी), किसी व्यक्ति का हत्या करने के उद्देश्य से अपहरण की धारा-364 की जगह अब 140-(1), किसी व्यक्ति के अपहरण के बाद उसके साथ मारपीट करता है. हत्या की धमकी देता है तो उसकी धारा-364(ए) की जगह 140-(2), दस वर्ष से कम के बालक को उसकी संपति हड़पने की नियत से अपहरण की धारा-365 की जगह 140-(3), किसी महिला को अपहरण शादी की नियत से करने की धारा-366 अब 87, किसी व्यक्ति को गुलाम बनाने और गंभीर चोट पहुंचाने की धारा-367 अब 140-(4), किसी अपहृत व्यक्ति को छिपाने वाले पर लगने वाली धारा- 368 अब 142 होगा.

चोरी संबंधी अपराध

भादवि में चोरी के धारा-379 अब बीएनएस में 303-(2), चोरी की वस्तु अपने पास रखने की धारा-411 अब 317-(2) होगा. अपराध की नियत से घर में घुसकर बैठना अथवा घर में सेंध लगाने की भादवि की धारा-457, अब 331-(4), किसी घर, झोपड़ी या वाहन में चोरी मामले में भादवि की धारा-380 लगाया जाता था, लेकिन बीएनएस की 305 (ए) होगा. उसी प्रकार से वाहन और मंदिर में चोरी के लिए दो नया धारा जोड़ा गया है. वह 305 (बी) और 305 (सी) जोड़ा गया है. इस मामले में सात साल की सजा होगी. जबकि साधारण चोरी के मामले तीन साल की सजा होती है.

लोक सेवक संबंधी प्रकरण

भारतीय दंड संहिता में सरकारी काम काज के बाधा मामले की धारा-353 अब 132 हो जायेगा. सरकारी कर्मियों या पुलिस कर्मियों के साथ मारपीट के लिए पहले धारा-332 लगता था, लेकिन अब बीएनए में वह धारा बदल कर 121(1), दो या दो से अधिक व्यक्ति मिलकर किसी सरकारी कर्मी को चोट पहुंचाते हैं तो उससे संबंधित भादवि की धारा-333 लगता था, लेकिन बीएनएस में 121(2) हो जायेगा. यदि कोई सरकारी कर्मी लोक हित में कार्य कर रहा है. उसमें कोई बाधा डालता है तो उसके लिए भादवि की धारा-186 लगया जाता था. अब बीएनएस में 221 हो जायेगा.

भारतीय न्याय संहिता के नये अपराध

भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में नयी अपराध के लिए धारा रखी गयी है. बीएनएस में विदेशों से भारत में अपराध को संचालित करने वाले मामले के लिए बीएनएस 48 रखा गया है. उसके अलावा शादी का झांसा देकर यौन शोषण अपराध के लिये बीएनएस में 69, सुपारी देकर बालक से अपराध कराने के लिए बीएनएस में 95, मॉब लिंचिंग के लिए 103 (2), बीएनएस में संगठित अपराध के लिए 111, छोटे संगठित अपराध के लिए 112, आतंकवादी कार्य के लिए 113, राज्य के विरूद्ध अपराध के लिए 152, आत्महत्या के प्रयास के लिए 226, छिनतई के लिए 304 लगाया जायेगा.

 

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