Gumla: झारखंड सरकार के वित्त विभाग के अपर सचिव कर्ण सत्यार्थी, भाप्रसे द्वारा आज चैनपुर प्रखंड अंतर्गत उपर डुमरी गांव का भ्रमण किया गया. इस दौरान उन्होंने कल्याण विभाग से सामुदायिक वन अधिकार (Community Forest Rights) पट्टा प्राप्त करने के उपरांत ग्रामीणों द्वारा आजीविका संवर्धन, वन संरक्षण एवं सामुदायिक वन संसाधनों के प्रबंधन के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की. अपर सचिव ने ग्रामीणों एवं वनाधिकार समिति के सदस्यों के साथ संवाद करते हुए सामुदायिक वन अधिकार के प्रभावी क्रियान्वयन, वन आधारित आजीविका के सुदृढ़ीकरण तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की. उन्होंने ग्रामीणों से उनकी समस्याओं, उपलब्ध संसाधनों तथा भविष्य की संभावनाओं के संबंध में भी विस्तार से बातचीत की तथा स्थानीय आवश्यकताओं को समझा.
समुदाय की सक्रिय भागीदारी एवं संसाधनों का समुचित प्रबंधन आवश्यक
अपर सचिव ने कहा कि सामुदायिक वन अधिकार के माध्यम से स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाते हुए वन संरक्षण एवं सतत आजीविका को बढ़ावा दिया जा सकता है. इसके लिए समुदाय की सक्रिय भागीदारी एवं संसाधनों का समुचित प्रबंधन आवश्यक है. इस अवसर पर जिला कल्याण पदाधिकारी आलोक रंजन, फिया फाउंडेशन के प्रतिनिधि ललित महतो, बारीडीह पंचायत के मुखिया, वनाधिकार समिति के सदस्य सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे.

करण सत्यार्थी ने इलाके में चलाई जा रही योजनाओं की ली जानकारी
इस दौरान करण सत्यार्थी ने ग्रामीणों से स्पष्ट कहा, कि उनकी ओर से किया गया प्रयास निश्चित रूप से उनके आने वाले भविष्य को बेहतर रास्ता दिखा सकता है. ऐसे में सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर जितना वह बेहतर काम करेंगे, उनका आने वाला जीवन उतना ही अधिक बेहतर हो पाएगा. करण सत्यार्थी ने इलाके में चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी लेते हुए स्पष्ट कहा, कि निश्चित रूप से सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाएं ग्रामीण के उत्थान के लिए होती है. लेकिन उन योजनाओं का सफल होना तभी संभव हो पाएगा, जब ग्रामीणों की सही रूप से भागीदारी हो पाएगी.
इस दौरान जिला कल्याण पदाधिकारी भी मौजूद रहे. उन्होंने भी लोगों से सीधा संवाद करते हुए उनके इलाके में किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली. उन्होंने स्पष्ट कहा कि आने वाले दिनों में जो ग्रामीणों को आवश्यकता होगी, उसकी दिशा में भी पूरी तरह से ईमानदारी से काम किया जाएगा, ताकि इस इलाके में विकास की एक नये रास्ते को तैयार करते हुए ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के जीवन को और बेहतर बनाने की पूरी कोशिश की जाए.
डीसी पद पर रहते हुए ग्रामीण क्षेत्र का लगातार दौरा किया करते थे करण सत्यार्थी
बता दें, करण सत्यार्थी गुमला के डीसी के रूप में भी कुछ दिन पहले तक इस इलाके में काम कर चुके हैं. ऐसे में लोगों के साथ उनका पुराना जुड़ाव है. वहीं, करण सत्यार्थी के गुमला पहुंचने पर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों में काफी खुशी का माहौल देखने को मिला. दरअसल, करण सत्यार्थी जब गुमला के डीसी थे, उस दौरान भी वह ग्रामीण क्षेत्र का लगातार दौरा किया करते थे और उनके शासनकाल में लगातार उन्होंने यह प्रयास किया, कि ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों की आर्थिक स्थिति को कैसे बेहतर किया जाए और खासकर ग्रामीण महिलाओं को स्वालंबन की दिशा में कैसे आगे बढ़ाया जाए.


