Jamtara: रेलनगरी चित्तरंजन के फतेहपुर स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में सोमवार को आगामी रथयात्रा महोत्सव के उपलक्ष्य में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं देवी सुभद्रा की पारंपरिक स्नानयात्रा श्रद्धा, भक्ति और वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई. वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और जयघोष से मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा. धार्मिक अनुष्ठान के दौरान मंदिर के पुजारियों ने शास्त्रसम्मत विधि से भगवान का पवित्र जल, चंदन, पुष्प एवं सुगंधित द्रव्यों से अभिषेक किया. बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, समाज में शांति और विश्व कल्याण की कामना की.
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15 दिनों तक भगवान जगन्नाथ रहते हैं अस्वस्थ
मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि स्नानयात्रा भगवान जगन्नाथ की परंपरा का अत्यंत महत्वपूर्ण अनुष्ठान है. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस विशेष स्नान के बाद भगवान 15 दिनों तक अस्वस्थ अवस्था में विश्राम करते हैं. इस अवधि में मंदिर में उनके दर्शन बंद रहते हैं और विशेष औषधीय सेवा की जाती है. इसके बाद नवयौवन दर्शन के उपरांत भगवान भव्य रथयात्रा के माध्यम से भक्तों को दर्शन देते हैं. समिति ने बताया कि स्नानयात्रा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आस्था, सेवा, भाईचारे और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. स्नानयात्रा के सफल आयोजन के साथ ही अब श्रद्धालुओं में आगामी रथयात्रा महोत्सव को लेकर विशेष उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिल रहा है.



