Ranchi: झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने हरमू स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस कर केंद्र की मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल को महा-घोटाले का कालखंड करार दिया है. भट्टाचार्य ने भाजपा को सीधे तौर पर भारतीय गबन पार्टी की संज्ञा देते हुए देश को हिला देने वाले 24 बड़े ‘गबन’ (घोटालों) की लंबी लिस्ट जारी की है.
खीरे से खुला पोल-खोल का खेल
प्रेस वार्ता में भट्टाचार्य अनोखे अंदाज में एक खीरा लेकर पहुंचे. उन्होंने तंज कसा कि यह केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी के बागान का 90,600 रुपये का खीरा है. जहां एक ओर मंत्री सरकारी योजनाओं का मलाई खा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर देश के अन्नदाता कर्ज के बोझ तले आत्महत्या करने को मजबूर हैं. इसे उन्होंने किसान गबन करार दिया.

देश का गिरता रुपया, सरकार की विफलता का प्रतीक
भट्टाचार्य ने प्रधानमंत्री के पुराने बयानों की याद दिलाते हुए कहा. कि आज रुपया रसातल में है. मणिपुर की हिंसा से लेकर सांप्रदायिक बयानों तक, भाजपा सरकार का चरित्र जनहित नहीं, बल्कि गबन-हित रहा है. उन्होंने चुनौती दी कि भाजपा के इस 12 साल के ‘कालातीत’ कार्यकाल का हिसाब जनता लेगी.
गबन की एक लंबी और शर्मनाक सूची
• झामुमो नेता ने आरोपों की झड़ी लगाते हुए कहा कि 2014 के बाद देश लूट और गबन के दौर से गुजर रहा है.
• ईडी, सीबीआई, यूपीएससी और यूजीसी जैसी संवैधानिक संस्थाओं को कठपुतली बनाकर लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई गईं
• नीट और वायुसेना भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक ने युवाओं के भविष्य को अधर में लटका दिया, जबकि हर साल 2 करोड़ नौकरी का वादा एक जुमला साबित हुआ.
• हसदेव के जंगल, पहाड़, समुद्र और एयरपोर्ट तक को चहेते कॉरपोरेट्स के हवाले कर दिया गया. वनतारा प्रोजेक्ट के बहाने सरकारी पशुओं तक को निजी हाथों में सौंपा गया.
• राम मंदिर भूमि खरीद में 4 करोड़ की जमीन 48 करोड़ में खरीदने के मामले में ईडी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए इसे आस्था के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात बताया.
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