Ranchi : राजधानी रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र से रहस्यमय तरीके से लापता हुए तीन बच्चों को रांची पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिहार के बरौनी से सकुशल बरामद कर लिया है. पुलिस की सक्रियता और तकनीकी अनुसंधान की वजह से इन बच्चों को मुजफ्फरपुर जनसेवा एक्सप्रेस ट्रेन से रिकवर किया गया. बच्चों ने पुलिस को बताया कि वे किसी के बहकावे में नहीं आए थे, बल्कि अपनी मर्जी से केवल घूमने के इरादे से घर से निकले थे.
देर रात पुलिस को मिली थी लापता होने की सूचना:
मामला 28 जून 2026 की रात का है. अरगोड़ा थाना पुलिस को रात करीब 11:30 बजे सूचना मिली कि कडरू (अरगोड़ा) इलाके से तीन बच्चे खेलते-खेलते अचानक लापता हो गए हैं. जिनमें बेलाल अकम(उम्र 12 वर्ष), मान अंसारी (उम्र 10 वर्ष) और सूरज महतो (उम्र 10 वर्ष) शामिल है. मासूम बच्चों के अचानक गायब होने की खबर से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए रांची पुलिस ने बिना वक्त गंवाए अरगोड़ा थाना में कांड संख्या 157/2026 दर्ज कर तुरंत तफ्तीश शुरू कर दी.

CCTV फुटेज से मिला सुराग, गठित की गईं 8 टीमें:
अनुसंधान के शुरुआती चरण में पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू किया. फुटेज के विश्लेषण में एक महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा.तीनों बच्चे शाम करीब पांच बजे अपनी स्वेच्छा से कहीं जाते हुए कैमरों में कैद हुए थे. बच्चों के रूट और उनकी गतिविधियों का तकनीकी रूप से पता लगाने के लिए रांची पुलिस द्वारा तुरंत आठ विशेष टीमों का गठन किया गया. इन टीमों ने पूरे जिले में फैले सीसीटीवी नेटवर्क और तकनीकी सर्विलांस की मदद से बच्चों के मूवमेंट को ट्रैक करना शुरू किया.
मुजफ्फरपुर जनसेवा एक्सप्रेस से हुई सुरक्षित बरामदगी:
वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान की मदद से पुलिस टीमों को जानकारी मिली कि बच्चे ट्रेन के जरिए बिहार की ओर निकल चुके हैं. त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बिहार के बरौनी में मुजफ्फरपुर जनसेवा एक्सप्रेस में छापेमारी की और तीनों बच्चों को सुरक्षित रिकवर कर लिया। पूछताछ में बच्चों ने स्वीकार किया कि वे सिर्फ घूमने के इरादे से घर से बिना बताए निकल गए थे.
रांची पुलिस की अभिभावकों से अपील:
इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद रांची पुलिस ने सभी अभिभावकों और माता-पिता से एक बार फिर भावुक अपील की है. पुलिस का कहना है कि.अभिभावक अपने बच्चों का विशेष ध्यान रखें. उनकी दैनिक गतिविधियों, आदतों और घर से बाहर आने-जाने की हर हरकत पर हमेशा नजर रखें, ताकि बच्चे अनजाने में किसी परेशानी या खतरे में न पड़ें.


