Sahebganj: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता चंपाई सोरेन ने हूल दिवस के मौके पर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने वीर सिदो-कान्हू की पवित्र भूमि भोगनाडीह को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया है और उनके वंशजों व ग्रामीणों के साथ अन्याय किया जा रहा है.
हेमंत सरकार पर बरसे EX CM, बोले- हूल दिवस पर भोगनाडीह को बना दिया पुलिस छावनी
चंपाई सोरेन ने कहा कि हूल दिवस जैसे गौरवशाली अवसर पर भोगनाडीह में 58 मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है और पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किस बात का डर है कि अपने ही महापुरुषों को श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों को प्रशासन से अनुमति लेनी पड़ रही है और बॉन्ड भरने की शर्त रखी जा रही है. उन्होंने कहा कि 1855 के संथाल हूल में वीर सिदो-कान्हू, चांद -भैरव और फूलो-झानो ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ ऐतिहासिक विद्रोह का नेतृत्व किया था. उन वीरों ने कभी कल्पना भी नहीं की होगी कि आजादी के सात दशक बाद उनके अपने वंशजों और गांव के लोगों को उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए भी सरकार की इजाजत लेनी पड़ेगी.

जनता सर्वोपरि
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता के अहंकार में डूबी सरकार यह भूल गई है कि अब न अंग्रेजों का शासन है और न ही राजतंत्र. लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है और किसी भी सरकार को महापुरुषों की विरासत पर पहरा लगाने का अधिकार नहीं है. चंपाई सोरेन ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि वीर सिदो-कान्हू की विरासत को मिटाने या उनके सम्मान को ठेस पहुंचाने की कोशिश करने वालों को झारखंड की जनता कभी माफ नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि जो लोग हूल के इतिहास और शहीदों के सम्मान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, उन्हें जनता लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी और “मिट्टी में मिला देगी.”


