Ranchi : सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के लिए केंद्र सरकार की कैशलेस सड़क दुर्घटना उपचार योजना को रांची में प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है. इस संबंध में सिविल सर्जन रांची डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि अब किसी भी सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को निजी अस्पतालों में भी बिना पैसे जमा कराए तत्काल इलाज मिलेगा. उन्होंने बताया कि भारत में हर साल लगभग 1.75 लाख लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हो जाती है. जबकि करीब 5 लाख लोग गंभीर रूप से घायल होते हैं. इनमें से बड़ी संख्या ऐसे लोगों की होती है जिन्हें समय पर इलाज मिल जाए तो उनकी जान बचाई जा सकती है. कई लोग स्थायी रूप से दिव्यांग भी हो जाते हैं.
निजी अस्पताल तुरंत नहीं मांगेंगे पैसे
डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि इसी उद्देश्य से रांची के सभी निजी अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि अगर कोई सड़क दुर्घटना का मरीज आता है तो उसका इलाज तुरंत शुरू किया जाए. अस्पताल मरीज या उसके परिजनों से इलाज के लिए तत्काल पैसे की मांग नहीं करेंगे. केंद्र सरकार की कैशलेस सड़क दुर्घटना उपचार योजना के तहत अस्पतालों को प्रति मरीज 1.5 लाख रुपये तक का भुगतान किया जाएगा.

राज्य में हर दिन होती है 10 से 12 मौतें
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से दुर्घटना के बाद इलाज में होने वाली देरी खत्म होगी और गोल्डन ऑवर में मरीजों को बेहतर चिकित्सा मिलेगी. जिससे बड़ी संख्या में लोगों की जान बचाई जा सकेगी. सिविल सर्जन ने बताया कि झारखंड में हर दिन औसतन 10 से 12 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में होती है. इनमें कई मौतें समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण हो जाती हैं. अब सरकार निजी और सरकारी अस्पतालों के समन्वय से इस स्थिति को बदलने की कोशिश कर रही है. जिससे दुर्घटना पीड़ितों को बिना किसी आर्थिक बाधा के तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सकें.
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