Giridih: जिले में न्यायिक अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए मंगलवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मार्तण्ड प्रताप मिश्रा और उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव ने सरिया एवं बिरनी प्रखंड में प्रस्तावित अनुमंडलीय न्यायालय एवं अनुमंडलीय कारा निर्माण के लिए चिन्हित स्थलों का संयुक्त निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने भूमि की उपलब्धता, भौगोलिक स्थिति, पहुंच मार्ग, आधारभूत सुविधाओं तथा निर्माण कार्य की व्यवहारिक संभावनाओं का विस्तृत जायजा लिया. इस दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ तकनीकी एवं प्रशासनिक पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई.
सत्र न्यायाधीश ने उपयुक्त भूमि के चयन पर दिया जोर
इस दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मार्तण्ड प्रताप मिश्रा ने निर्माण कार्य के लिए सभी आवश्यक मानकों को पूरा करने वाली उपयुक्त भूमि के चयन पर जोर देते हुए संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. वहीं उपायुक्त रामनिवास यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया, कि न्यायिक अवसंरचना से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं. उन्होंने कहा कि अनुमंडलीय न्यायालय और अनुमंडलीय कारा के निर्माण से क्षेत्र के लोगों को न्यायिक सेवाएं अधिक सुलभ होंगी तथा प्रशासनिक और न्यायिक कार्यों के संचालन में भी सुविधा मिलेगी.

निर्माण से संबंधित सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को किया जाएगा पूरा
जिला प्रशासन ने इसे न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और नागरिकों को बेहतर न्यायिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा, कि निर्माण से संबंधित सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा. निरीक्षण के दौरान विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे.
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