Khunti: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) खूंटी के तहत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष डीएलएसए राकेश कुमार ने मंगलवार को खूंटी उपकारा का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने बंदियों के कल्याण, स्वास्थ्य सुविधाओं और जेल की विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
रसोई, अस्पताल और लीगल क्लिनिक का किया निरीक्षण
सबसे पहले न्यायाधीश ने जेल के रसोईघर का निरीक्षण कर बंदियों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच की. भोजन व्यवस्था को संतोषजनक पाया गया, हालांकि उन्होंने रसोई की स्वच्छता और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. इसके बाद उन्होंने जेल चिकित्सालय का निरीक्षण किया और दवाइयों के स्टॉक की समीक्षा की. उपलब्ध दवाओं पर संतोष व्यक्त किया गया. मौके पर मौजूद चिकित्सक डॉ. संजय कुंडूर ने उपचाराधीन बंदियों तथा रिम्स, रांची में भर्ती एक बंदी की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी दी.

निरीक्षण के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने प्रिजन लीगल एड क्लिनिक एवं मुलाकात विधिक सहायता हेल्प डेस्क का भी अवलोकन किया. उन्होंने मुख्य विधिक सहायता प्रतिरक्षा परामर्शी (LADC) राजीव कमल को निर्देश दिया कि लीगल क्लिनिक और हेल्प डेस्क का नियमित एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए तथा सभी आवश्यक रजिस्टर अद्यतन रखे जाएं.
ALSO READ: रांची: बुंडू नगर पंचायत का नशे के खिलाफ अभियान, रैली और शपथ के जरिए दिया नशामुक्त समाज का संदेश
ई-कियोस्क जल्द होगा पूरी तरह क्रियाशील
उन्होंने जेल परिसर में स्थापित ई-कियोस्क को शीघ्र पूर्ण रूप से क्रियाशील करने का निर्देश भी दिया, ताकि बंदियों को अपने मामलों से संबंधित जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके. अधिकारियों ने बताया कि यह निरीक्षण बंदियों को बेहतर विधिक सहायता, स्वास्थ्य सुविधाएं और न्यायिक सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में चल रहे प्रयासों का हिस्सा है. इस अवसर पर डीएलएसए के सिविल जज (वरिष्ठ प्रभाग)-सह-सचिव कमलेश बेहरा भी उपस्थित रहे.


