Hazaribagh: कटकमसांडी प्रखंड की बाझा पंचायत में आईसीडीपी योजना के तहत करीब ₹1 करोड़ की लागत से निर्मित 500 एमटी क्षमता वाले गोदाम सह कार्यालय भवन की गुणवत्ता पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गई है. जून 2026 में तैयार हुए इस भवन का अभी विभाग को विधिवत हस्तांतरण भी नहीं हुआ है, लेकिन भवन में कई तकनीकी खामियां सामने आने लगी हैं. स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार पहली ही मानसूनी बारिश के बाद भवन की कई दीवारों में दरारें पड़ गई हैं. वहीं छत से कई स्थानों पर पानी का रिसाव भी शुरू हो गया है. ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता की अनदेखी की गई और कुछ हिस्सों में बिना समुचित प्लास्टर किए ही रंग-रोगन कर दिया गया.
पेयजल और शौचालय व्यवस्था भी प्रभावित
ग्रामीणों ने बताया कि परिसर में कराई गई बोरिंग से पर्याप्त पानी नहीं निकल रहा है, जिससे पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी प्रभावित हैं. इससे भवन के उपयोग को लेकर चिंता बढ़ गई है. जूनियर इंजीनियर सौदाव आलम ने कहा कि भवन का विस्तृत निरीक्षण कराया जाएगा. यदि निर्माण में किसी प्रकार की खामी पाई जाती है तो संबंधित हिस्से को तोड़कर दोबारा निर्माण कराया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी कमियां दूर होने और पैक्स अध्यक्ष से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिलने तक संवेदक को अंतिम भुगतान नहीं किया जाएगा.

दोषी पाए जाने पर होगी सख्त कार्रवाई
जिला सहकारिता पदाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान भी घटिया सामग्री के उपयोग की शिकायतें मिली थीं, जिसकी जानकारी वरीय अधिकारियों को दी गई थी. अब पूरे मामले की दोबारा जांच कराई जाएगी. यदि संवेदक दोषी पाया जाता है तो उसे ब्लैकलिस्ट करने के साथ-साथ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी. इस घटना ने एक बार फिर सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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