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राजस्व परिषद के सदस्य होंगे अध्यक्ष, विभिन्न सरकारी सेवाओं के 5 रिटायर्ड अधिकारियों को बनाया गया सदस्य
Ranchi: झारखंड सरकार के विभिन्न सेवा संघों (कर्मचारी संगठनों) द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही वेतन विसंगति, एमएसीपी (MACP) और सेवा शर्तों में असमानता जैसी मांगों के स्थायी समाधान की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. राज्य सरकार के वित्त विभाग ने एक अधिसूचना जारी कर एक उच्च स्तरीय समिति (हाई लेवल कमेटी) का गठन किया है. यह समिति राज्य की विभिन्न सरकारी सेवाओं की सेवा शर्तों में एकरूपता लाने और विसंगतियों को दूर करने के संबंध में सरकार को अपनी महत्वपूर्ण अनुशंसाएं सौंपेगी. वित्त विभाग के सचिव प्रशांत कुमार के हस्ताक्षर से जारी इस अधिसूचना (अ०सं०-11/02 (वे०पु०) -03/2014 2927/वि०) में स्पष्ट किया गया है कि इस समिति का गठन 8 अक्टूबर 2024 को संपन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में मद संख्या-82 के अंतर्गत लिए गए निर्णय के अनुपालन में किया गया है.
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राजस्व परिषद के सदस्य होंगे अध्यक्ष, ये बने हैं सदस्य
समिति को बेहद अनुभवी और प्रशासनिक मामलों के जानकारों से सुसज्जित किया गया है, ताकि सभी तकनीकी पहलुओं का बारीकी से अध्ययन किया जा सके. समिति का स्वरूप निम्नवत है.
– अध्यक्ष: सदस्य, राजस्व पर्षद् (झारखंड): विनाश कुमार सिंह (सदस्य): भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त पदाधिकारी
– ओम प्रकाश साह (सदस्य): राज्य प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त पदाधिकारी
– राज नारायण सिंह (सदस्य): राज्य पुलिस सेवा के सेवानिवृत्त पदाधिकारी
– जयंत कुमार मिश्रा (सदस्य): राज्य शिक्षा सेवा के सेवानिवृत्त पदाधिकारी
– उमेश मेहता (सदस्य): राज्य अभियंत्रण (इंजीनियरिंग) सेवा के सेवानिवृत्त पदाधिकारी
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क्या होगा इस उच्च स्तरीय समिति का मुख्य काम
यह समिति समय-समय पर राज्य के विभिन्न सेवा संघों और कर्मचारी संगठनों द्वारा उठाई जाने वाली वेतन विसंगतियों, एमएसीपी (मॉडीफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन) से जुड़े मामलों का गहन अध्ययन और निराकरण करेगी. इसके अलावा, अलग-अलग विभागों की सेवा शर्तों में एकरूपता कैसे लाई जाए, इस संबंध में ठोस सुझाव और अनुशंसाएं तैयार कर राज्य सरकार को समर्पित करेगी.


