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हजारीबाग में झमाझम बारिश से खेतों में लौटी रौनक, धान रोपनी में जुटे किसान

Hazaribagh: जिले के कृषि प्रधान प्रखंडों बड़कागांव, केरेडारी, इचाक, चुरचू, बरही तथा आसपास के ग्रामीण इलाकों में गुरुवार सुबह से हो रही...

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Hazaribagh: जिले के कृषि प्रधान प्रखंडों बड़कागांव, केरेडारी, इचाक, चुरचू, बरही तथा आसपास के ग्रामीण इलाकों में गुरुवार सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश ने किसानों के चेहरों पर खुशी लौटा दी है. कई दिनों से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को जैसे ही झमाझम वर्षा मिली, वे हल, बैल, ट्रैक्टर और धान की नर्सरी लेकर खेतों की ओर निकल पड़े. खेतों में पानी भरने के साथ ही धान की रोपाई का कार्य तेज हो गया है.

रोपाई का कार्य तेजी से शुरू

सुबह से लगातार हो रही बारिश के कारण खेत लबालब हो गए हैं. महिलाएं समूह बनाकर धान की रोपाई में जुटी हैं, जबकि पुरुष खेतों की जुताई और मेड़बंदी में लगे हुए हैं. कई गांवों में खेतों से पारंपरिक रोपा गीतों की मधुर स्वर लहरियां सुनाई देने लगी हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में सावन जैसा माहौल बन गया है.किसानों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण धान की खेती प्रभावित होने की आशंका बढ़ रही थी. अब अच्छी बारिश होने से रोपाई का कार्य तेजी से शुरू हो गया है और खरीफ फसल के बेहतर उत्पादन की उम्मीद जगी है. कृषि कार्यों में पूरे परिवार की भागीदारी देखने को मिल रही है. बड़कागांव, केरेडारी, चुरचू और इचाक के कई गांवों में किसान सुबह से ही खेतों में डटे हुए हैं. बरही क्षेत्र में भी धान की रोपाई का कार्य शुरू हो चुका है. ग्रामीणों के अनुसार यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह रुक-रुक कर बारिश होती रही तो धान की खेती के लिए यह मौसम बेहद अनुकूल साबित होगा.

बेहद लाभकारी

बारिश से जहां किसानों में उत्साह है, वहीं गांवों की पगडंडियां और कच्ची सड़कें कीचड़ से भर गई हैं. बावजूद इसके खेतों में काम करने का उत्साह कम नहीं हुआ है. कृषि विशेषज्ञों का भी मानना है कि समय पर हुई यह वर्षा खरीफ सीजन के लिए बेहद लाभकारी है और इससे धान की फसल को अच्छी शुरुआत मिलेगी. बारिश के साथ हजारीबाग के ग्रामीण अंचलों में एक बार फिर लोक संस्कृति भी जीवंत होती नजर आ रही है. खेतों में गूंजते पारंपरिक रोपा गीत, कीचड़ से सने खेत और रोपाई में जुटे किसान मानसून के आगमन का जीवंत दृश्य प्रस्तुत कर रहे हैं. किसानों को अब उम्मीद है कि इस बार मौसम का साथ मिला तो जिले में धान का उत्पादन बेहतर होगा और कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.

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