Hazaribagh: हजारीबाग में बारिश शुरू होते ही बिजली आपूर्ति बाधित होना आम समस्या बन गई है. हल्की बारिश या तेज हवा चलते ही शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक घंटों बिजली गुल हो जाती है. इससे लोगों को पेयजल, मोबाइल चार्जिंग, ऑनलाइन कामकाज और व्यापार में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश शुरू होते ही बिजली की आंख-मिचौली शुरू हो जाती है. कई इलाकों में घंटों बिजली नहीं रहती, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है.
बिजली वितरण व्यवस्था पर उठे सवाल
हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान हजारीबाग सांसद ने भी राज्य की बिजली वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा था कि झारखंड में बिजली उत्पादन की कमी नहीं है, लेकिन वितरण व्यवस्था कमजोर होने के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है. उनके अनुसार, हल्की हवा चलने पर भी कई क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है.

पुराना नेटवर्क बना परेशानी की वजह
जानकारों के मुताबिक, कई जगहों पर वर्षों पुराने ट्रांसफार्मर और बिजली लाइनें बढ़ते लोड को संभालने में सक्षम नहीं हैं. बारिश और तेज हवा के दौरान ट्रांसफार्मर ट्रिप हो जाते हैं, बिजली के तार टूट जाते हैं और कई बार पोल भी क्षतिग्रस्त हो जाते हैं. ऐसे में बिजली बहाल होने में घंटों लग जाते हैं.
किसान, छात्र और कारोबारी हो रहे प्रभावित
बिजली कटौती का सबसे अधिक असर किसानों, छात्रों और छोटे कारोबारियों पर पड़ रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह छह से सात घंटे ही बिजली मिल रही है, जबकि बारिश के दौरान कई गांवों में लंबे समय तक आपूर्ति ठप रहने की शिकायतें सामने आती हैं. स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मानसून से पहले बिजली वितरण व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए, जर्जर तार और पोल बदले जाएं तथा ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाए, ताकि हर बारिश के साथ होने वाली बिजली संकट की समस्या का स्थायी समाधान हो सके.


