Koderma: त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि संघ, जिला कोडरमा के बैनर तले गुरुवार को जिला समाहरणालय के समक्ष पंचायत प्रतिनिधियों ने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया. इस दौरान उपायुक्त को संबोधित एक मांग-पत्र सौंपकर विभिन्न जनहित एवं पंचायत से जुड़े मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई. ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि ग्राम सभा का बहाना बनाकर निर्वाचित मुखियों के संवैधानिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है. साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची से जरूरतमंद लाभुकों को बाहर करने तथा मंईयां सम्मान योजना का पोर्टल बंद होने से पात्र महिलाओं को लाभ नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया गया.
पंचायत प्रतिनिधियों ने रखी 9 सूत्री मांगें

पंचायत प्रतिनिधियों ने अपनी 9 सूत्री मांगों में ग्राम सभा के नाम पर अधिकारों का हनन रोकने, मंईयां सम्मान योजना का पोर्टल खोलने, अबुआ आवास योजना की बकाया राशि का भुगतान करने, राज्य पंचम वित्त आयोग की राशि पंचायतों में वितरित करने, निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को पेंशन देने, पंचायत सचिवों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, पंचायत मुख्यालयों में शिविर लगाकर दाखिल-खारिज व ऑनलाइन कार्य कराने, जिले में बढ़ते अपराध पर नियंत्रण तथा 200 यूनिट तक बिजली बिल माफी के बावजूद उपभोक्ताओं को भेजे जा रहे बिलों पर रोक लगाने की मांग की. पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आगे आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
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