Pakamu: उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने गुरुवार को अपने कार्यालय कक्ष से वर्चुअल माध्यम से फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत रात्रिकालीन ब्लड सैंपल संग्रह को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक में सदर, चैनपुर, लेस्लीगंज, पाटन, नावा बाजार, पांकी, मनातू, छतरपुर, नौडीहा बाजार, विश्रामपुर, हरिहरगंज, तरहसी, सतबरवा, हैदरनगर एवं हुसैनाबाद के प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े. बैठक में ट्रेनी आईएएस, जेएसएलपीएस के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम), जबकि सिविल सर्जन एवं जिला पंचायती राज पदाधिकारी उपायुक्त कार्यालय से उपस्थित रहे.
रात 10 बजे के बाद ब्लड सैंपल संग्रह अभियान चलाया जाएगा- DC
बैठक में उपायुक्त ने बताया कि जिले में 6 जुलाई से 16 जुलाई तक प्रतिदिन रात 10 बजे के बाद फाइलेरिया की जांच हेतु ब्लड सैंपल संग्रह अभियान चलाया जाएगा. उन्होंने सभी प्रखंडों को निर्देश दिया कि सैंपल संग्रह के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें तथा संबंधित थाना को पूर्व से इसकी सूचना अवश्य दें, ताकि अभियान सुचारु एवं सुरक्षित ढंग से संचालित हो सके.उपायुक्त ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में यह अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि आमजनों को अभियान की पूर्व जानकारी दें तथा उन्हें जागरूक करें, जिससे किसी प्रकार की भ्रांति या असमंजस की स्थिति उत्पन्न न हो.

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रात के समय ही रक्त की सतही नसों में अधिक संख्या में पाए जाते हैं फाइलेरिया के परजीवी
उन्होंने बताया कि फाइलेरिया के परजीवी (माइक्रोफाइलेरिया) रात के समय ही रक्त की सतही नसों में अधिक संख्या में पाए जाते हैं. इसी कारण इस बीमारी की सटीक जांच के लिए रात 10 बजे के बाद ब्लड सैंपल लिया जाता है. यह एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है और राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत पूरे देश में इसी प्रकार अपनाई जाती है. उपायुक्त ने जिलेवासियों से अपील की है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम जब निर्धारित अवधि के दौरान रात्रि में ब्लड सैंपल लेने पहुंचे तो वे सहयोग करें. यह जांच पूरी तरह सुरक्षित है और इसका उद्देश्य समय पर संक्रमित व्यक्तियों की पहचान कर फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन में सफलता प्राप्त करना है.


