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राजधानी रांची में डिजिटल गुलामी, अब ई-रिक्शा भी चीन की उंगलियों पर

Ravi Bharti Ranchi: राजधानी रांची की सड़कों पर ई-रिक्शा का ब्रेकडाउन सिर्फ तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि डिजिटल हाईजैकिंग का एक डरावना ट्रेलर...

Digital slavery in capital Ranchi, now e-rickshaws are also at the fingertips of China

Ravi Bharti

Ranchi: राजधानी रांची की सड़कों पर ई-रिक्शा का ब्रेकडाउन सिर्फ तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि डिजिटल हाईजैकिंग का एक डरावना ट्रेलर है. क्या आपने कभी सोचा था कि जिस बैटरी के भरोसे आप सवारी ढो रहे हैं, उसका रिमोट किसी अनजान चीनी सर्वर के पास हो सकता है? राजधानी रांची की सड़कों पर आजकल कुछ ऐसा ही मंजर है. ई-रिक्शा के पहिए अचानक जाम हो रहे हैं, गाड़ी बीच सड़क पर ही रूक जा रही है. ड्राइवर पसीने में तर-बतर होकर यह सोच रहा है कि उसकी किस्मत खराब है या उसका ऐप.

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जब मोबाइल का डिजिटल रिमोट कंट्रोल करे

यह कोई साधारण खराबी नहीं है, यह एक सोची-समझी डिजिटल साजिश है. एक संदिग्ध चीनी मोबाइल ऐप ने ई-रिक्शा के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) में सेंध लगा दी है. नतीजा यह है कि चलते-चलते गाड़ी बंद हो जाती है, मानो किसी ने अदृश्य हाथ से स्विच ऑफ कर दिया हो. पिछले चार दिनों में रांची में 100 से अधिक ई-रिक्शा इसी डिजिटल किडनैपिंग का शिकार हो चुके हैं. सोचिए, सड़क के बीचोबीच अचानक ई-रिक्शा का सांस लेना बंद हो जाना कितना खतरनाक है. सवारियां परेशान, पीछे लगा जाम और ड्राइवर को लग रहा है कि शायद उसकी बैटरी बूढ़ी हो गई है. लेकिन असल में, आपकी मेहनत की कमाई अब किसी चीनी ऐप डेवलपर के सब्सक्रिप्शन या फिरौती के जाल में फंस चुकी है.

तकनीक का वरदान या चीनी अभिशाप

• सरेराह बेइज्जती: एक ही रिक्शा दिन में तीन बार बंद हो रहा है. यात्री को बीच रास्ते में उतारना और धक्का मारते हुए रिक्शा ले जाना, यह अब रांची के रिक्शा वालों का नया ‘वर्कआउट’ बन चुका है.
• डिजिटल ब्लैकमेल: क्या यह ऐप का डेटा है, या फिर कोई सोची-समझी साइबर वसूली? प्रशासन इस पर खामोश है, जबकि आम रिक्शा चालक इस डिजिटल भूत के आगे बेबस खड़ा है.

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एक बड़ा सवालिया निशान

यह सिर्फ एक ऐप की बात नहीं है, यह हमारे देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा का सवाल है. जब हम अपनी गाड़ियों के बुनियादी सिस्टम को विदेशी ऐप्स के भरोसे छोड़ देते हैं, तो हम अपनी गाड़ी ही नहीं, अपनी आत्मनिर्भरता भी गिरवी रख रहे होते हैं. रांची के ई-रिक्शा चालकों के लिए अब यह चुनौती सिर्फ सवारी ढूंढने की नहीं, बल्कि अपने वाहन को अनचाहे रिमोट से बचाने की भी है.

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