Ranchi: आदिवासी छात्र संघ की केंद्रीय समिति ने 8 जुलाई 2026 को संगठन का 26वां स्थापना दिवस सह महाधिवेशन आयोजित करने की घोषणा की है. शुक्रवार को करमटोली स्थित आदिवासी छात्रावास के पुस्तकालय भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया गया कि यह महाधिवेशन हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम, खेलगांव में होगा. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झारखंड सरकार के आदिवासी कल्याण मंत्री चमरा लिंडा होंगे. संघ के संस्थापक सदस्यों ने बताया कि महाधिवेशन में संगठन की नई केंद्रीय समिति का गठन किया जाएगा. साथ ही भविष्य की कार्ययोजना और विभिन्न जनसरोकार के मुद्दों पर आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी. झारखंड के सभी विश्वविद्यालयों में छात्र-छात्राओं की इकाइयों का भी पुनर्गठन किया जाएगा.
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महाधिवेशन मूल आदिवासी छात्र संघ के संस्थापक सदस्यों के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा
प्रेस वार्ता में संस्थापक सदस्यों ने स्पष्ट किया कि यदि कोई संस्था या एनजीओ आदिवासी छात्र संघ के नाम से कार्य कर रहा है, तो उसका वर्ष 2000 में स्थापित मूल संगठन से कोई संबंध नहीं है. उन्होंने कहा कि खेलगांव में होने वाला महाधिवेशन मूल आदिवासी छात्र संघ के संस्थापक सदस्यों के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है. संघ ने दावा किया कि स्थापना के बाद से उसने 60 प्रतिशत आरक्षण, 1932 के खतियान आधारित स्थानीय नीति, तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग की नौकरियों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता, जनजातीय भाषाओं को बढ़ावा, बैकलॉग रिक्तियों पर नियुक्ति, सरना धर्म कोड और परिसीमन जैसे मुद्दों पर लगातार आंदोलन किया है. संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि अलग सरना धर्म कोड नहीं होने के कारण जनगणना में आदिवासियों को हिंदू धर्म के अंतर्गत दर्ज किया जाता है, जिससे उनकी अलग धार्मिक पहचान और राजनीतिक प्रतिनिधित्व प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है.


