Ranchi: क्लस्टर सिस्टम, पेपर लीक, लंबित प्रतियोगी परीक्षाओं, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 6 जुलाई को रांची में छात्र-युवाओं का विशाल मार्च और लोकभवन घेराव किया जाएगा. इसकी जानकारी शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में छात्र संगठनों के नेताओं ने दी.
क्लस्टर सिस्टम का विरोध
छात्र नेताओं ने झारखंड में लागू किए जा रहे क्लस्टर सिस्टम का विरोध करते हुए कहा कि यह व्यवस्था उच्च शिक्षा को महंगा बनाएगी और ग्रामीण, आदिवासी, दलित, पिछड़े, महिला तथा आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की पढ़ाई पर असर डालेगी. उनका आरोप है कि यह नीति सार्वजनिक शिक्षा को कमजोर कर निजीकरण को बढ़ावा देती है, इसलिए इसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए. देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं पर भी चिंता जताई गई. वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी निष्पक्ष परीक्षा कराने में विफल रही है. उन्होंने पेपर लीक पर सख्त कानून बनाने, दोषियों को कड़ी सजा देने और अधिक पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की.

6 जुलाई को लोकभवन का घेराव करेंगे छात्र
छात्र नेताओं ने राज्य के छात्र-युवाओं, अभिभावकों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों से 6 जुलाई रांची में होने वाले विशाल मार्च और लोकभवन घेराव में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की.छात्र संगठनों ने आरोप लगाया कि झारखंड में JSSC JE, LDC/क्लर्क, सहायक आचार्य, माध्यमिक आचार्य, उत्पाद सिपाही, कारापाल, पुलिस कांस्टेबल, JPSC और JTET समेत कई भर्तियां वर्षों से लंबित हैं. उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से सभी रिक्त पदों पर समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया शुरू करने और नियमित भर्ती कैलेंडर जारी करने की मांग की.


