Ranchi: 13 साल पुराने जमीन अधिग्रहण के मामले में आज शुक्रवार को जस्टिस राजेश कुमार की अदालत में जावेद अनवर एवं अन्य के कंटेंप्ट केस में सुनवाई हुई, जिसमें माननीय कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए वित्त सचिव एवं जिला भू-अर्जन अधिकारी, रांची को सशरीर उपस्थित कराया गया. साथ ही जिला भू अर्जन अधिकारी, रांची पर FIR तक दर्ज करवाने की बात कह डाली.
क्या है मामला?
मामला 2013 के डोरंडा-नामकुम सड़क चौड़ीकरण के लिए भू-अर्जन से जुड़ा हुआ है. सरकार ने 2013 में जमीन अधिग्रहण कर अब तक मुआवजे की राशि मुहैया नहीं कराई है. इस मामले में चार रैयतों द्वारा साल 2023 में रीट दायर की गई थी तथा रीट कोर्ट ने रैयतों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए जावेद अनवर को 51000000 रुपये, बिजा लकड़ा को 5750000 रुपये, बिनोद कच्छप 18800000 रुपये एवं उज्जवल टोप्पो को 40700000 रुपये मुआवजे के तौर पर भुगतान करने का आदेश पारित किया था. साथ ही ब्याज की रकम अलग से देने को कहा गया.

याचिकाकर्ताओं की ओर से किया गया कंटेंप्ट दायर
भुगतान न होने पर याचिकाकर्ताओं की ओर से कंटेंप्ट दायर किया गया, जिसकी आज सुनवाई हुई और जस्टिस राजेश कुमार ने एक हफ्ते के अंदर भुगतान करने का आदेश दिया तथा जिला भू-अर्जन अधिकारी, रांची को अगली तारीख को फिर से सशरीर उपस्थित होने का आदेश दिया है. याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अभिषेक श्रीवास्तव ने पैरवी की. बताते चले कि रीट कोर्ट में भी उन्होंने ही पैरवी की थी. मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी.
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