हजारीबाग: हजारीबाग में जमीन माफियाओं के खेल निराले हैं. इस खेल में वन विभाग से लेकर अंचल तक के बाबुओं की भी सांठगांठ है. हजारीबाग-बड़कागांव मार्ग पर बोकारो नदी के किनारे इन दिनों जमीन की खुलेआम लूट का मामला सामने आ रहा है. नदी किनारे से लेकर पुंदरी मोड़ तक वन भूमि पर कब्जा कर नई कॉलोनियां बसाई जा रही हैं, लेकिन प्रशासन अब तक मौन बना हुआ है.पुल से कच्ची सड़क बनाकर जंगल तक रास्ता तैयार कर दिया गया है और वहां खुलेआम मकान व दुकान बनाए जा रहे हैं. काम इतनी तेजी से चल रहा है कि देखते-देखते यहां कई घरों के ढांचे अब दिखाई देने लगे हैं.आश्चर्य कि बात यह है कि पुल से गुजरते वक्त यह साफ हो जाता है कि जमीन माफिया खुलेआम नदी के हिस्से को बेचकर मालामाल हो रहे हैं.स्थानीय लोगों के अनुसार करीब दो वर्ष पहले भी सौ साल से अधिक पुराने बड़े-बड़े पेड़ों को काटकर इस नदी के एक बड़े हिस्से को बेचकर नयी कॉलोनी बसा दी गयी. लेकिन उस समय भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. कहा कि यह इलाका कई छोटे जंगली जानवरों का प्राकृतिक आवास है और हाथियों का कॉरिडोर भी माना जाता है. इसके बावजूद जंगल और नदी किनारे अतिक्रमण लगातार बढ़ रहा है.

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पूंदरी जंगल का भी हाल बेहाल
पुंदरी जंगल के एक हिस्से में पेड़ों को काटकर बाउंड्री कर दी गई थी, जिसे सड़क से गुजरते समय जिले के अपर समाहर्ता संतोष कुमार सिंह ने देखा था, लेकिन अब तक इस मामले में जांच या कार्रवाई की कोई ठोस पहल नहीं हुई है. हालांकि एडिशनल कलेक्टर के इस प्रयास की वजह से फिलहाल यहां जमीन लुट पर विराम लगा हुआ है. लेकिन यहां की वन भूमि पर आज भी कई मकान बने हुए हैं और साथ ही स्कूल, दूकान और होटल संचालित है. जिससे पर्यावरण और वन्यजीवों पर खतरा बढ़ता जा रहा है. स्थानीय लोग इस मामले में वन विभाग की संलिप्तता से भी इनकार नहीं करते.
कटकमदाग के अधिकारियों ने मूंद रखी हैं आंखें
इस मामले में कटकमदाग प्रखंड के अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है. स्थानीय लोग कहते हैं कि बोकारो पुल से साफ नजर आ जाता है कि कैसे दो किलोमीटर कच्ची सड़क जंगल तक बना दी गयी है और वहां अब गाडियां लगी नजर आती है. कहा कि अगर प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो जल्द ही बोकारो नदी जल्द ही लुप्त हो जायेगी. इस मामले में एडिशनल कलेक्टर संतोष कुमार सिंह ने कहा कि वे इस मामले में जांच का आदेश देंगे और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसपर कड़ी कारवाई करेंगे. यह भी साफ किया कि इस मामले में दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को भी नहीं बख्शा जायेगा.

