Click Here
Click Here
Click Here

हजारीबाग : घर तो मिल गया, लेकिन पानी नहीं, कोलघटी PM शहरी आवास योजना में 300 परिवार पानी के लिये तरस रहे

Hazaribagh : प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत अपना आशियाना पाने का सपना लेकर कोलघटी स्थित आवासीय परिसर में रहने आए सैकड़ों...

प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना

Hazaribagh : प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत अपना आशियाना पाने का सपना लेकर कोलघटी स्थित आवासीय परिसर में रहने आए सैकड़ों परिवार आज एक बुनियादी जरूरत-पीने के पानी के लिए रोज संघर्ष कर रहे हैं. लगभग 300 परिवारों का आरोप है कि गर्मी, बरसात और ठंड हर मौसम में उन्हें पानी की भारी किल्लत झेलनी पड़ती है. स्थिति यह है कि अधिकांश परिवारों को पीने और घरेलू उपयोग के लिए बाहर से पानी खरीदकर मंगवाना पड़ता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी की समस्या कोई नई नहीं है. यह वर्षों से चली आ रही है. कई बार शिकायतें की गईं, ज्ञापन सौंपे गए और अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन आज तक स्थायी समाधान नहीं निकल सका.

दिल्ली से लेकर रांची तक की टीमें आयी, आश्वासन देकर लौट गयी

निवासियों का कहना है कि समय-समय पर दिल्ली से केंद्रीय टीम, रांची से अधिकारियों की टीम और नगर निगम के पदाधिकारी कॉलोनी का निरीक्षण करने पहुंचे. अधिकारियों ने लोगों से बातचीत की, समस्याएं सुनीं, निरीक्षण किया और 5, 10, 15 या 20 दिनों में समाधान का आश्वासन दिया. लेकिन आश्वासन के बाद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. लोगों का कहना है कि अब स्थिति ऐसी हो गई है कि हर नई टीम के आने पर उन्हें केवल आश्वासन की ही उम्मीद रहती है.

पहले भी उठ चुका है मामला

कोलघटी पीएम शहरी आवास योजना में जल संकट का मुद्दा पहले भी समाचारों की सुर्खियां बन चुका है. वर्ष 2025 में भी स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि सैकड़ों फ्लैटों में रहने वाले परिवारों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं हो रहा है और एक सीमित जल स्रोत पर निर्भर रहना पड़ रहा है. इसी वर्ष मई 2026 में भी दिल्ली से आई निरीक्षण टीम के सामने महिलाओं ने पानी की समस्या को लेकर विरोध दर्ज कराया था. उस समय भी तकनीकी जांच और समाधान का भरोसा दिया गया था.

रोजमर्रा की जिंदगी पर असर

जल संकट का असर केवल पीने तक सीमित नहीं है. लोगों को खाना बनाने, स्नान, कपड़े धोने और अन्य दैनिक कार्यों के लिए भी भारी परेशानी उठानी पड़ती है. कई परिवार अतिरिक्त खर्च कर निजी टैंकर या अन्य स्रोतों से पानी खरीदने को मजबूर हैं.

निवासियों की प्रमुख मांगें

प्रत्येक फ्लैट तक नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए. अतिरिक्त बोरिंग या वैकल्पिक जल स्रोत विकसित किए जाएं. स्थायी पाइपलाइन एवं जलापूर्ति व्यवस्था को शीघ्र दुरुस्त किया जाए. निरीक्षण और आश्वासन के बजाय तय समयसीमा में कार्य पूरा किया जाए. नगर निगम और संबंधित विभाग प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक करें.

 

ALSO READ : रक्षा मंत्रालय की बैठक में बनी सहमति, तीनों सेना के लिये खरीदे जायेंगे 52 हजार करोड़ के आधुनिक हथियार और रक्षा प्रणाली

add1
सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *