Click Here
Click Here
Click Here

हजारीबाग की बेटी श्वेता भारती का कमाल, शॉर्ट फिल्म ‘गुल्लक’ बनी बेस्ट फिल्म, जिले का बढ़ाया मान

Hazaribagh : जिले के पदमा प्रखंड की बेटी श्वेता भारती ने अभिनय की दुनिया में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए...

श्वेता भारती
श्वेता भारती

Hazaribagh :  जिले के पदमा प्रखंड की बेटी श्वेता भारती ने अभिनय की दुनिया में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम रौशन किया है. रांची में आयोजित चित्रपट फिल्म फेस्टिवल में उनकी मुख्य भूमिका वाली शॉर्ट फिल्म ‘गुल्लक’ को बेस्ट फिल्म अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. फिल्म में श्वेता ने अभिनेता अशोक मांझी के साथ मुख्य भूमिका निभाई है, जबकि इसका निर्देशन गिरिडीह के निर्देशक विकाश आर्यन ने किया है. इसी समारोह में विकाश आर्यन को बेस्ट डायरेक्टर अवॉर्ड भी मिला, जबकि कार्यक्रम में बाबूलाल मरांडी और अर्जुन मुंडा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे.

Also Read : JPSC का ‘ई-अधियाचन’ पोर्टल, सरकारी नौकरियों की राह अब होगी और भी आसान, सरकारी अधियाचना फाइलों के सुस्त चाल का दौर खत्म

रंगमंच से राष्ट्रीय पहचान तक का सफर

विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग से शिक्षा प्राप्त करने वाली श्वेता भारती ने छात्र जीवन से ही रंगमंच में अपनी रुचि दिखाई और लगातार मेहनत के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई. उन्होंने कई राष्ट्रीय युवा महोत्सवों में शानदार प्रदर्शन किया और झारखंड की उभरती हुई रंगकर्मी, अभिनेत्री तथा थिएटर ट्रेनर के रूप में पहचान हासिल की. श्वेता हरियाणा के सफीदों स्थित रस कला मंच रेपर्टरी में अभिनेत्री के रूप में कार्य कर चुकी हैं और वर्तमान में रांची के युवा रंगमंच रेपर्टरी से जुड़कर वरिष्ठ रंगकर्मी अजय मलकानी के निर्देशन में अपनी अभिनय कला को लगातार निखार रही हैं.

Also Read : EXCLUSIVE: झारखंड में आतंकी संगठन ISIS और अलकायदा से जुड़े 61 व्यक्ति चिह्नित, कार्रवाई की तैयारी, देखे पूरी लिस्ट

युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा, हज़ारीबाग को अपनी बेटी पर गर्व

शॉर्ट फिल्म ‘गुल्लक’ के अलावा श्वेता भारती ‘सूरजमुखी’ समेत कई शॉर्ट फिल्मों और विज्ञापन फिल्मों में भी अपने प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों की सराहना हासिल कर चुकी हैं. उनकी स्वाभाविक अभिनय शैली और संवेदनशील अभिव्यक्ति ने उन्हें रंगमंच और फिल्म जगत में एक अलग पहचान दिलाई है. श्वेता की यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे हजारीबाग और झारखंड के लिए गर्व का विषय है. उनकी सफलता यह साबित करती है कि छोटे शहरों की प्रतिभाएं भी मेहनत, लगन और समर्पण के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन सकती हैं.

add1
सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *