SAURAV SINGH
Ranchi: आतंकी संगठन आईएसआईएस और अलकायदा से जुड़े 61 लोगों को चिन्हित किया गया है. जिनमें 12 आईएसआइएस और 49 अलकायदा से जुड़े हैं. आतंकी संगठनों से जुड़े संदिग्धों और आरोपियों पर शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है. राज्य में आतंकी गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए एटीएस ने झारखंड के सभी 24 जिलों के पुलिस अधीक्षकों से सहयोग मांगा है. इस संबंध में एटीएस मुख्यालय द्वारा कुछ महीने पहले पुलिस मुख्यालय के एडीजी (अभियान) और आईजी (अभियान) को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखा गया था. इसके साथ ही राज्य के सभी 24 जिलों के एसपी को भी लिखित रूप से निर्देश भेजे गए हैं.

क्यों हो रही है यह कार्रवाई? (संयुक्त राष्ट्र और विदेश मंत्रालय का पत्र)
एटीएस मुख्यालय द्वारा पुलिस मुख्यालय को भेजे गए पत्र में इस बड़ी कार्रवाई की वजह का खुलासा किया गया है. भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा तीन अप्रैल 2026 को एक पत्र भेजा गया था. इस पत्र में बताया गया था कि 26 मार्च 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने ISIL (दाएश) यानी इस्लामिक स्टेट ऑफ सीरिया एंड इराक (ISIS) और अलकायदा (AQIS) को प्रतिबंधित सूची में जोड़ने की अनुमति दी है. यह फैसला संयुक्त राष्ट्र चार्टर के ‘अध्याय VII’ के तहत अपनाया गया है.सुरक्षा परिषद के संकल्प संख्या के अनुच्छेद 1 के अंतर्गत इन संगठनों और इनसे जुड़े लोगों पर संपत्ति जब्ती, यात्रा प्रतिबंध और शस्त्र प्रतिबंध लागू किए गए हैं. विदेश मंत्रालय से मिले इसी आदेश के आलोक में झारखंड एटीएस ने अब राज्य में सक्रिय या छिपे हुए अलकायदा, आईएसआईएस और इनसे जुड़े लोगों, समूहों, कंपनियों तथा संस्थानों पर सीधी कार्रवाई का खाका तैयार कर लिया है.
एटीएस के रडार पर 61 संदिग्ध और आरोपी
झारखंड एटीएस के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, राज्य में आईएसआईएस और अलकायदा से जुड़े कुल 61 लोग संदिग्ध या आरोपी के रूप में चिह्नित किए गए हैं. इनमें से 12 लोग आईएसआईएस से और 49 लोग अलकायदा से जुड़े हुए हैं
जाने आईएसआईएस से जुड़े 12 संदिग्ध या आरोपी के नाम
1.मो. अरशद वारसी
- आरिज हसनैन
- नसीम उर्फ मोहसीन
- आदिल हसन
- रेहान आलम
- शाहनवाज आलम
- मो. शहबाज
- मोहम्मद
- साकिब अरमान
- फैजान अंसारी
- फैसल रहमान
- मो. जिकिरूल्लाह
अलकायदा से जुड़े 49 संदिग्ध या आरोपी
एटीएस की सूची में शामिल अलकायदा के प्रमुख संदिग्धों में कारी तैयब, मुफ्ती सोहैब, इम्तियाज खलीफा, मो. सरवर आलम, फैजान अहमद, तौफीक अहमद, अहमद मसूद, मौलाना, मो. अब्दुल शामी, राजू उर्फ नसीम, सैयद मो. जिसान, नसीम अख्तर, अहमद मसूद अकरम, मौलाना कलीमुद्दीन, मो. हुजैफा, बिलाल तबिस, असद, आदिल, तबारक अंसारी, अल्ताफ अंसारी, जैनुल अंसारी, अरशद अंसारी, इनामुल अंसारी, हसन अंसारी, मो. रिजवान बाबर, मतिउर रहमान, मुफ्ती रहमतउल्लाह, सहबाज अंसारी, उमर फारूकी, मुदब्बिर परवेज, कारी इरफान अंसारी, अनवर अंसारी, जीसान अलतमस, मो. तौहीद अंसारी, शकील अहमद, हकीम अंसारी, फिरोज अंसारी, युनूस अंसारी, वसीम अंसारी, जेबा, मो. सरफराज आलम और इश्तियाक शामिल हैं.
जिलों में अलर्ट, संपत्तियों की हो सकती है जांच
एटीएस के इस कदम के बाद अब सभी 24 जिलों की पुलिस अलर्ट मोड पर है. सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में इन संदिग्धों और इनसे जुड़े संगठनों की वित्तीय गतिविधियों, बैंक खातों और बेनामी संपत्तियों की जांच की जा सकती है. संयुक्त राष्ट्र के नियमों के तहत इनकी संपत्तियों को फ्रीज करने की कार्रवाई भी अमल में लाई जा सकती है. इस पूरी कार्रवाई की कमान झारखंड एटीएस संभाल रही है और जिला पुलिस के साथ मिलकर इन संदिग्धों की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है.


