हजारीबाग: कटकमसांडी में कोल डंप को लेकर ग्रामीणों की चिंता, आदिम जनजाति के अस्तित्व पर मंडराया खतरा

Hazaribagh: कटकमसांडी प्रखंड में संचालित एक कोल डंप को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पर्यावरण एवं स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं जताई...

कटकमसांडी में कोल डंप को लेकर ग्रामीणों की चिंता

Hazaribagh: कटकमसांडी प्रखंड में संचालित एक कोल डंप को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पर्यावरण एवं स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं जताई हैं. उनका कहना है कि कोल डंप से उड़ने वाली धूल का असर आसपास रहने वाले लोगों, विशेषकर बिरहोर समुदाय पर पड़ रहा है. उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.

बिरहोर समुदाय पर प्रभाव का दावा

ग्रामीणों के अनुसार कोल डंप के समीप रहने वाले बिरहोर परिवारों के घरों, आंगनों और पेयजल स्रोतों पर कोयले की धूल जमा हो रही है. उनका दावा है कि इससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में श्वसन संबंधी समस्याओं सहित अन्य स्वास्थ्य जोखिम बढ़ रहे हैं. स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि कोल डंप के संचालन में आवश्यक विभागीय स्वीकृतियों और पर्यावरणीय मानकों के पालन को लेकर जांच की आवश्यकता है. उन्होंने संबंधित विभागों से पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराने की मांग की है.

मानवाधिकार आयोग में शिकायत

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया कि इस मामले से संबंधित शिकायत मानवाधिकार आयोग को भी भेजी गई है. शिकायत में बिरहोर समुदाय के स्वास्थ्य और जीवन पर संभावित प्रभावों की जांच तथा नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है.

प्रशासन से कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि कोल डंप के संचालन की वैधता, पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन और प्रभावित परिवारों की स्थिति की निष्पक्ष जांच कराई जाए. यदि जांच में अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई करते हुए प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं.

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