Ranchi: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर झारखंड कांग्रेस ने अपनी चुनावी बिसात बिछा दी है. प्रदेश स्तरीय समीक्षा कार्यशाला में पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि मतदाता सूची में गड़बड़ी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी. कार्यशाला का केंद्र बिंदु अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के स्थायी आमंत्रित सदस्य और झारखंड प्रभारी के. राजू रहे, जिन्होंने संगठन के पदाधिकारियों को टास्क और अल्टीमेटम दोनों दिए.
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‘ग्राउंड जीरो’ पर उतरें पदाधिकारी
कार्यशाला में झारखंड प्रभारी के. राजू ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से लेकर बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं तक में जोश भरते हुए कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण केवल कागजी खानापूर्ति नहीं है, बल्कि यह आगामी जीत की नींव है. उन्होंने निर्देश दिया कि जिला अध्यक्ष, विधानसभा प्रभारी और बीएलए-2 को घर-घर जाकर सत्यापन करना होगा.
के. राजू ने ये दिए निर्देश
• बूथ प्रबंधन: सभी बूथों पर बीएलए-2 की सक्रियता अनिवार्य है. अगर सूची में कहीं भी त्रुटि मिलती है, तो सरकारी अधिकारियों से भिड़कर उसका समाधान कराएं.
• रिपोर्टिंग और रिवॉर्ड: प्रदेश कांग्रेस द्वारा सौंपे गए हर टास्क की ऑनलाइन रिपोर्टिंग होगी. कार्य का आकलन कर प्रोत्साहन अंक दिए जाएंगे, जो भविष्य में पदाधिकारियों की मूल्यांकन रिपोर्ट का आधार बनेंगे.
• सक्रियता का प्रमाण: के. राजू ने साफ किया कि निष्क्रियता को अब और नहीं झेला जाएगा. परिणाम ही संगठन में पद की निरंतरता तय करेगा.

एक भी वोट छूटा, तो संकल्प टूटा
कार्यशाला में प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि हर महीने की 15 तारीख को ग्राम पंचायतों में बैठक अनिवार्य है. यह अभियान पार्टी के लिए ‘मिशन मोड’ है. वहीं, सह-प्रभारी डॉ. सिरिबेला प्रसाद ने दो टूक शब्दों में कहा कि यह सुनिश्चित करना हर वार्ड और मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी है कि किसी भी नागरिक का नाम मतदाता सूची से न कटे.
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लोकसभा चुनाव की रणनीति: महंगाई और बेरोजगारी बनेगा मुद्दा
झारखंड सह-प्रभारी भूपेंद्र मरावी ने अभियान को राजनीतिक दिशा देते हुए कहा कि एसआईआर की समीक्षा बैठकें मात्र प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक रणनीतिक केंद्र होंगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी को पीएम बनाने का संकल्प लें. आने वाले लोकसभा चुनाव के लिए अभी से कमर कसनी है. पेपर लीक, कमरतोड़ महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर कार्यकर्ता गांव-गांव तक जाएं. लोकसभा प्रभारी से लेकर मंडल अध्यक्ष तक, सभी को इस अभियान में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी.
विधायक दल की हुंकार: सरल भाषा में जनता तक पहुंचें
कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव और उपनेता राजेश कच्छप ने भी कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार किया. प्रदीप यादव ने इसे पूरी ईमानदारी से निभाने का आह्वान किया, तो वहीं राजेश कच्छप ने कार्यकर्ताओं को सलाह दी कि वे सरकारी शब्दावली छोड़कर सरल भाषा में ग्रामीणों को समझाएं कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है. कार्यशाला में विधायक भूषण बाड़ा, सुरेश बैठा, ममता देवी, डॉ. प्रदीप कुमार बालमुचू, बंधु तिर्की समेत प्रदेश के तमाम नेता उपस्थित रहे. कांग्रेस ने अब फील्ड में उतरकर अपना वोट बैंक सुरक्षित करने के साथ-साथ केंद्र और राज्य की राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत करने की बड़ी कवायद शुरू कर दी है.


