Hazaribagh: जिस बड़कागांव की मिट्टी ने देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी दिए हैं, आज उसी बड़कागांव का इकलौता खेल मैदान सरकारी उपेक्षा का शिकार हो गया है. शहर के बीचों-बीच स्थित यह मैदान बारिश के मौसम में तालाब और दलदल में तब्दील हो गया है. हालात ऐसे हैं कि खिलाड़ियों के लिए यहां अभ्यास करना मुश्किल हो गया है.
स्कूल और प्रखंड मुख्यालय के पास बदहाल मैदान, खतरे में खिलाड़ियों की सुरक्षा
यह खेल मैदान प्लस टू हाई स्कूल और बड़कागांव प्रखंड मुख्यालय के समीप स्थित है. इसके बावजूद मैदान की स्थिति में सुधार नहीं हो पाया है. मैदान के कई हिस्सों में गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बारिश का पानी और गंदगी जमा है. रोजाना अभ्यास करने पहुंचने वाले खिलाड़ी इन गड्ढों की वजह से चोटिल हो रहे हैं. फुटबॉल, क्रिकेट और एथलेटिक्स की तैयारी करने वाले युवाओं का कहना है कि बेहतर सुविधाओं के अभाव में उनकी मेहनत प्रभावित हो रही है. खिलाड़ियों को डर रहता है कि अभ्यास के दौरान कभी भी गंभीर चोट लग सकती है.

कई खिलाड़ियों ने बढ़ाया बड़कागांव का नाम
स्थानीय खेल प्रेमियों का कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद बड़कागांव के खिलाड़ियों ने जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है. अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी झालो कुमारी, एथलेटिक्स में सदानंद कुमार समेत कई खिलाड़ियों ने क्षेत्र का नाम रोशन किया है. खेल प्रेमियों का कहना है कि यदि समय रहते मैदान का विकास किया जाता तो यहां से और भी कई प्रतिभाएं निकल सकती थीं.
खेल विभाग से जीर्णोद्धार की मांग
मैदान की बदहाली को लेकर स्थानीय युवाओं और खेल प्रेमियों में नाराजगी है. उनका कहना है कि यह सिर्फ एक मैदान की समस्या नहीं, बल्कि उन खिलाड़ियों के भविष्य का सवाल है जो खेल के जरिए आगे बढ़ना चाहते हैं. स्थानीय लोगों ने खेल विभाग और प्रशासन से मांग की है कि बड़कागांव के इस इकलौते खेल मैदान का जल्द जीर्णोद्धार कराया जाए, ताकि खिलाड़ियों को बेहतर अभ्यास की सुविधा मिल सके.
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