NewsWave Desk : स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर लगातार स्थिति तनावपूर्ण होते जा रही है. ईरान की ओर से होमुर्ज पर तीन टैंकरों पर किये गये हमले के बाद अमेरिका ने भी हमला शुरू कर दिया है. इसके साथ ही वॉशिंगटन ने ईरान के तेल निर्यात से जुड़े अहम लाइसेंस भी रद्द कर दिया है. लाइसेंस रद्द ऐसे समय में किया गया है जब ईरान अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में डूबा हुआ है. बता दें अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के लिये शांति समझौता हुआ था. इस दौरान दोनों देशों के बीच मध्यस्ता को लेकर वार्ता चली. लेकिन अब इन सबके बीच दोनों देशों के बीच फिर से तनावपूर्ण स्थिति बनने लगी है. शांति समझौता में पाकिस्तान और कतर की अहम भूमिका रही थी. ऐसे में फिर से सीजफायर उल्लंघन होने पर दोनों देशों की भूमिका पर भी सवाल खड़े होने लगे है.
ईरान सरकार को बड़ा झटका
लाइसेंस रद्द करने के बाद ईरान सरकार को बड़ा झटका लगा है. इस लाइसेंस के तहत ईरान को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल बेचने की अनुमति दी गई थी. इस फैसले से ईरान के तेल निर्यात और उसकी अर्थव्यवस्था पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है.

ईरान की गतिविधियों ने क्षेत्रीय सुरक्षा को संकट में डाला
इन हमलों के बाद अमेरिका ने बयान जारी किया है. इस बयान में अमेरिका ने कहा है कि ईरान की हालिया गतिविधियों ने क्षेत्रीय सुरक्षा और सीजफायर दोनों को खतरे में डाल दिया है. दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बार फिर से दुनिया के सामने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है. जानकारी हो कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों में से एक है. जहां से भारत के लिये 80 फीसदी ईंधन आपूर्ति की जाती है.
ALSO READ : 12 करोड़ से रांची की सड़कों का होगा कायाकल्प, राजधानी की 67 महत्वपूर्ण सड़कें होंगी चकाचक


