NewsWave Desk : इंटिग्रेटेड बैटल ग्रुप IBG यूनिट को इस महीने से बॉर्डर पर तैनात कर दिया गया है. ग्रुप को विशेषकर एलएसी LAC क्षेत्र में तैनात किया गया है. आईबीजी IBG को भारतीय सेना का सबसे महत्वपूर्ण संगठनात्मक सुधारों में एक माना जाता है. जिनकी विशेषता इनका तेज तर्रार गुण और आत्मनिर्भर लड़ाकू ग्रुप्स है. आईबीजी IBG का मकसद भारत की संवेदनशील सीमाओं पर एक साथ ऑपरेशन को अंजाम देना है. ग्रुप को प्रशिक्षण भी इसी आधार पर दिया गया है. केंद्र सरकार ने आईबीजी IBG को अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल LAC के पहाड़ी इलाकों में तैनात किया है. आईबीजी IBG बनाने की प्रक्रिया इस साल 1 जुलाई को पूरी हुई. 6 मेजर जनरलों ने इसकी कमान संभाली है. जहां चीन के साथ उत्तरी सीमा पर तैनात 17 माउंटेन स्ट्राइक कोर के तहत 5 नए गठित आईबीजी IBG और 1 समर्पित फायर सपोर्ट ग्रुप को तैनात किया गया है.
सेना की तरह काम करेगा आईबीजी IBG
जानकारी हो, कि केंद्र सरकार ये फैसला भविष्य में युद्ध की स्थिति को ध्यान में रख कर लिया है. अपने आंकलन में थल सेना और केंद्र सरकार ने पाया कि सेना के अलग-अलग यूनिट जैसे इन्फेंट्री, आर्टिलरी, टैंक और मेडिकल यूनिट को अलग-अलग स्थानों से जंग के मैदान तक पहुंचने में काफी समय लगता है. ऐसे में आईबीजी IBG एक सेना की तरह है. इसमें सेना की सभी यूनिट एक साथ काम करेगी. एक ही कमांडर के नीचे इन सभी यूनिट को एक साथ जोड़ दिया गया है.

क्या है इंटिग्रेटेड बैटल ग्रुप
इंटिग्रेटेड बैटल ग्रुप IBG में लगभग 5,000 सैनिक होते हैं. यह एक ब्रिगेड की तरह काम करती है. हर आईबीजी IBG में पैदल सेना, तोपखाना, इंजीनियर, मेडिकल और राशन की सुविधा है. पूरी कोर में करीब 1 लाख तक सैनिक शामिल है.
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