Ranchi: झारखंड को वैश्विक मानचित्र पर नई पहचान दिलाने और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक बड़ा कदम उठाया है. नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन 2026 के दौरान मुख्यमंत्री ने भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग वी कुएन के साथ मुलाकात की. यह मुलाकात झारखंड के औद्योगिक और आर्थिक भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
निवेश के खुलेंगे नए द्वार
इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच राज्य में निवेश को गति देने और वैश्विक साझेदारी के नए आयाम तलाशने पर विस्तृत चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने बताया कि सिंगापुर की कंपनियों के साथ एक प्रतिनिधिमंडल झारखंड का दौरा करेगा. यह दौरा संयुक्त रूप से उन अवसरों को चिन्हित करेगा, जहां लंबे समय तक आपसी सहयोग संभव है.

माइंस टू माइंड्स की ओर बढ़ता झारखंड
इस चर्चा का सबसे सकारात्मक पहलू यह रहा कि सिंगापुर के उच्चायुक्त ने झारखंड की उस सोच की सराहना की, जिसमें राज्य को ‘संसाधन-आधारित अर्थव्यवस्था’ से मूल्य-आधारित अर्थव्यवस्था में बदलने का लक्ष्य रखा गया है. मुख्यमंत्री ने इसे माइंस से माइंड्स तक, उत्खनन से नवाचार तक और संसाधनों से अनुसंधान तक के सफर के रूप में परिभाषित किया. यह साझेदारी न केवल झारखंड में बड़े पैमाने पर निवेश लाएगी, बल्कि राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के गुणवत्तापूर्ण अवसर भी पैदा करेगी. मुख्यमंत्री का यह विजन झारखंड को एक नई और आत्मनिर्भर पहचान देने की दिशा में एक सशक्त पहल है, जो आने वाले समय में राज्य की तस्वीर बदल सकता है.
इन प्रमुख क्षेत्रों पर रहेगा फोकस
- लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन: बेहतर कनेक्टिविटी और व्यापारिक सुगमता.
- परिवहन: बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण.
- संसाधन-आधारित मूल्यवर्धन: खनिजों का केवल उत्खनन नहीं, बल्कि उन्हें प्रसंस्करण कर उत्पाद बनाना.
- स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास: युवाओं को वैश्विक स्तर पर सक्षम बनाना.
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