Newswave Desk: सेंट लॉरेंस ग्राउंड को लंबे समय से टीम इंडिया के लिए एक लकी वेन्यू माना जाता रहा है, जहां टीम ने लगातार कई यादगार जीत हासिल की थीं. ये सिलसिला 9 जुलाई, 2026 को खत्म हुआ. बता दें, चौथे T20 मैच में भारत को 9 विकेट से हराकर इंग्लैंड ने न सिर्फ लंबे समय से चला आ रहा रिकॉर्ड तोड़ा, बल्कि सीरीज भी अपने नाम दर्ज कर ली.
आपको बता दें, कि भारत ने अपना पहला इंटरनेशनल मैच 23 मई 1999 को ब्रिस्टल में खेला और केन्या को 94 रनों से हराया. इसके बाद, टीम ने 2002 में श्रीलंका के खिलाफ 63 रनों से जीत हासिल की. 2007 में इंग्लैंड को 9 रनों से हराया गया. 2014 का वनडे मैच बारिश के कारण पूरा नहीं हो सका. बाद में, 2018 में भारत ने T20 मैच में इंग्लैंड को 7 विकेट से हराया.

कप्तान की पारी टीम को नहीं बचा सकी
इन पांच मैचों में भारत ने चार जीत हासिल की थीं और एक मैच का कोई नतीजा नहीं निकला था. ब्रिस्टल में भारत का रिकॉर्ड शानदार माना जाता था, लेकिन यह सिलसिला 2026 में तब टूटा जब टीम को इस मैदान पर अपनी पहली हार का सामना करना पड़ा.
चौथे T20 मैच में, टॉस जीतकर कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. टीम को वैसी शुरुआत नहीं मिली जैसी उम्मीद थी. हालांकि, श्रेयस ने 80 रन बनाकर पारी को संभाला. उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 158 रन बनाए. इस स्कोर को बहुत मुश्किल चुनौती नहीं माना जा रहा था और इंग्लैंड ने इस बात को सही साबित कर दिखाया.
इंग्लैंड ने शानदार अंदाज में मैच जीता
159 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए, इंग्लैंड के बल्लेबाज मैदान में उतरे और भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया. सिर्फ एक विकेट गंवाकर टीम ने 13.5 ओवर में लक्ष्य प्राप्त कर लिया. वहीं, कप्तान हैरी ब्रूक ने नाबाद 78 रनों की पारी खेली और अपनी टीम को शानदार जीत दिलाई. इस जीत के साथ इंग्लैंड ने चौथा T20 मैच और सीरीज़ अपने नाम कर ली, साथ ही इस मैदान पर भारत के 27 साल से चले आ रहे अजेय रिकॉर्ड को भी खत्म कर दिया.
इस मैच के बाद ब्रिस्टल में भारत का गौरवशाली इतिहास बदल गया. टीम सालों से वहां अजेय रही थी, उसे इस मैदान पर अपनी पहली हार का सामना करना पड़ा. अब भारतीय टीम के सामने चुनौती है कि वह इस हार से सीख ले और भविष्य के मैचों में मजबूत वापसी करे.


