Chatra: चतरा सिविल सर्जन कार्यालय में आज हुए घटनाक्रम ने स्वास्थ्य विभाग में हलचल मचा दी है. जानकारी के अनुसार, एक पत्र पर हस्ताक्षर कराने पहुंचीं जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) से सिविल सर्जन डॉ. सतेन्द्र सिन्हा ने पिछले पांच वर्षों में खरीदी गई सामग्रियों का पूरा ब्योरा मांगा. आरोप है कि इस बात पर DPM नाराज हो गईं, मेज पर रखी फाइलें समेटीं और नाराजगी जताते हुए कमरे से बाहर निकल गईं. बताया जा रहा है कि इस व्यवहार से सिविल सर्जन खुद को आहत महसूस कर रहे हैं. उन्होंने पूरे मामले की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों को दे दी है. दावा किया जा रहा है कि यह पूरा घटनाक्रम कार्यालय में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हुआ है, जिससे जांच होने पर सच्चाई सामने आ सकती है.
अब सिर्फ व्यवहार नहीं, कई और सवाल भी खड़े
इस घटना के बाद सिर्फ दोनों अधिकारियों के बीच हुए विवाद की ही नहीं, बल्कि विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं. चर्चा है कि कुछ महीने पहले DPM का तबादला आदेश जारी हुआ था, लेकिन वह लागू नहीं हो सका. इसे लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. वहीं, यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि तबादले की अवधि में DPM कई दिनों तक कार्यालय नहीं आईं. ऐसे में बायोमेट्रिक उपस्थिति रिकॉर्ड और दो महीने के वेतन भुगतान की भी निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है. सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में यह सब होता रहा.

निष्पक्ष जांच की मांग तेज
अब पूरे मामले में CCTV फुटेज, बायोमेट्रिक रिकॉर्ड, वेतन भुगतान और तबादले से जुड़े दस्तावेजों की जांच की मांग की जा रही है. लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और पारदर्शिता बनी रहे.
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