Lohardaga : शहरी क्षेत्र में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा व्यापक जांच अभियान चलाया गया. खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डॉ. मोईन अख्तर के नेतृत्व में शहर के विभिन्न होटल, रेस्टोरेंट, फास्ट फूड स्टॉल, स्ट्रीट फूड वेंडर, बेकरी दुकानों तथा भोजनालयों का औचक निरीक्षण किया गया. इस दौरान कई प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई और खाद्य गुणवत्ता से जुड़ी खामियां पाई गईं, जिन पर विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आवश्यक निर्देश और चेतावनी जारी की.
अधिकारियों ने दी चेतावनी
निरीक्षण अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम सबसे पहले कचहरी मोड़ स्थित झारखण्डी मटन होटल पहुंची. यहां साफ-सफाई की स्थिति की समीक्षा की गई. जांच के दौरान होटल संचालक को प्रतिष्ठान की स्वच्छता व्यवस्था में सुधार करने, कचरे के उचित निस्तारण की व्यवस्था करने तथा ढक्कनदार डस्टबिन का अनिवार्य रूप से उपयोग करने का निर्देश दिया गया. अधिकारियों ने कहा कि खुले में कचरा रखने से संक्रमण और खाद्य पदार्थों के दूषित होने की आशंका बढ़ जाती है. इसके बाद टीम मैना बगीचा स्थित दिलीप होटल तथा अदिति भोजनालय पहुंची, जहां पनीर और रसगुल्ला की गुणवत्ता की जांच की गई. जांच के दौरान रसगुल्ला तैयार करने में स्टार्च, मैदा और अरारोट जैसी सामग्रियों के अधिक उपयोग की संभावना को देखते हुए संचालकों को इनकी मात्रा कम रखने का निर्देश दिया गया. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट या गुणवत्ता से समझौता उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है. अदिति भोजनालय में निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई. रसोईघर और भोजन परोसने वाले क्षेत्र में स्वच्छता मानकों का पालन नहीं किए जाने पर विभाग ने संबंधित संचालक को नोटिस जारी करते हुए शीघ्र सुधार करने का निर्देश दिया. अधिकारियों ने चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सुधार नहीं होने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.


एक्सपायरी खाद्य पदार्थों से की जा रही उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़
जांच अभियान के दौरान मेसर्स वेल्वेट केक एंड मोर बेकरी में एक्सपायरी हो चुके कुकीज और बिस्किट पाए गए. खाद्य सुरक्षा विभाग ने मौके पर ही इन खाद्य पदार्थों को नष्ट कराया तथा संचालक को भविष्य में किसी भी प्रकार के एक्सपायरी उत्पाद की बिक्री नहीं करने की सख्त चेतावनी दी. अधिकारियों ने कहा कि एक्सपायरी खाद्य पदार्थों की बिक्री उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है और इस प्रकार की लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसी क्रम में नदिया स्थित मेसर्स सुधीर फास्ट फूड का निरीक्षण किया गया, जहां एक्सपायरी मायोनिज पाए गए. विभागीय टीम ने तत्काल उक्त सामग्री को नष्ट कराया और संचालक को खाद्य पदार्थों की खरीद एवं भंडारण के दौरान एक्सपायरी तिथि की नियमित जांच करने का निर्देश दिया. मेसर्स विकास साहु फास्ट फूड स्टॉल में खाद्य तेल के उपयोग को लेकर आवश्यक जानकारी और जागरूकता प्रदान की गई. अधिकारियों ने बताया कि एक ही तेल का बार-बार उपयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, इसलिए निर्धारित मानकों के अनुरूप ही खाद्य तेल का इस्तेमाल किया जाना चाहिए.
आगे भी जारी रहेंगे खाद्य सुरक्षा अभियान
खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी होटल, रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों के संचालकों को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा जारी फूड लाइसेंस प्राप्त करने के बाद ही व्यवसाय संचालित करने का निर्देश दिया. साथ ही केवल अनुमोदित खाद्य रंगों का उपयोग करने, भोजन तैयार करते समय एप्रन और हेड कवर पहनने तथा व्यक्तिगत एवं प्रतिष्ठान की स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया. निरीक्षण अभियान के दौरान विशेष दण्डाधिकारी के रूप में मनीष कुमार, अंचल निरीक्षक लोहरदगा अंचल, नवनियुक्त खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी विश्वनाथ गगराई तथा खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक कर्मी रजनीश कुमार भी मौजूद रहे. विभाग ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए इस प्रकार के निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे.
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