Ranchi : कोयला माफियाओं के खिलाफ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल CISF अब एक नए और बेहद आक्रामक अवतार में नजर आ रहा है. खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम (MMDR Act) में हुए हालिया संशोधनों ने सीआईएसएफ CISF को केवल एक सुरक्षा बल से बदलकर एक शक्तिशाली प्रवर्तन एजेंसी बना दिया है. अब सीआईएसएफ CISF खदानों की चारदीवारी की रक्षा करने के साथ-साथ सीधे तौर पर तस्करों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और उन्हें अदालत तक घसीटने के लिए पूरी तरह सक्षम हो चुकी है.
जाने पहले CISF को कौन सी कार्रवाई करने का था अधिकार
पहले जब भी सीआईएसएफ CISF कोयला क्षेत्रों में किसी अवैध गतिविधि या तस्करी को पकड़ती थी, तो उसके पास सीमित अधिकार थे. बल का काम सिर्फ आरोपियों और सामग्री पकड़कर स्थानीय पुलिस के हवाले करना था. इसके बाद की पूरी कानूनी प्रक्रिया स्थानीय पुलिस और प्रशासन पर निर्भर करती थी. पुलिसिया कार्रवाई में होने वाली देरी का फायदा उठाकर कई बार बड़े आरोपी कानूनी कमियों की वजह से बच निकलते थे. यही वजह थी कि लंबे समय से सीआईएसएफ CISF को अधिक अधिकार देने की मांग की जा रही थी.

नए संशोधन से CISF को मिली ये शक्तियां
MMDR Act में हुए हालिया बदलावों ने सीआईएसएफ CISF को रेलवे सुरक्षा बल की तर्ज पर शक्तियां दे दी है. अब सीआईएसएफ CISF के अधिकृत अधिकारीअवैध कोयला के परिवहन की खुफिया जानकारी मिलने पर बिना पुलिस के सीधे छापेमारी और तलाशी ले सकते हैं. संदिग्ध वाहनों, अवैध परिसरों और ठिकानों की जांच कर कोयला जब्त कर सकते है. सीआईएसएफ CISF अब सक्षम न्यायालय में सीधे लिखित शिकायत दर्ज करा सकती है. जिससे पुलिस पर निर्भरता खत्म हो गई है.
पिछले एक सप्ताह के दौरान हुई कार्रवाई
- सीआईएसएफ CISF ने झारखंड और पश्चिम बंगाल में चार दिनों ( चार से आठ जुलाई) के अभियान में 428.34 मीट्रिक टन अवैध कोयला जब्त किया था.
- बीते नौ जुलाई की रात अवैध कोयला खनन और तस्करी के खिलाफ सीआईएसएफ CISF ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 150.9 टन अवैध कोयला जब्त किया. हजारीबाग जिले के बड़कागांव के 13 माइल चौक पर चलाए गए विशेष अभियान में चार ट्रक और दो मोटरसाइकिल भी जब्त की थी.


