रांची : 1984 के सिख दंगा पीड़ितों को मुआवजा दिलाने और दंगा से संबंधित क्रिमिनल केस की मॉनिटरिंग की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश एम एस सोनक एवं न्यायाधीश राजेश शंकर की खंडपीठ से राज्य सरकार ने प्रारंभिक रिपोर्ट के लिए समय की मांग की अदालत ने दो सप्ताह का समय देते हुए अगली सुनवाई 30 मार्च मुकर्रर की है.

जस्टिस डी पी सिंह के निधन के बाद नए आयोग के गठन की हो सकती है सिफारिश
दरअसल 1984 सिख दंगा पीड़ितों को मुआवजा दिलाने के लिए वन मैन कमेटी का गठन झारखंड हाई कोर्ट के आदेश पर किया गया था जिसकी अध्यक्षता रिटायर्ड जस्टिस डीपी सिंह कर रहे थे, दरअसल बीते 8 मार्च रविवार को जस्टिस डीपी सिंह का निधन हो गया है.
कई पीड़ित के पास दस्तावेज नहीं, कमीशन पर जांच और रिपोर्ट का भार
फसल झारखंड हाई कोर्ट के पहले आदेश के उपरांत कमीशन के सिफारिश पर 41 पीड़ितों को मुआवजा देने का काम राज्य सरकार पूरा कर चुकी है ऐसे में याचिका में नए पीड़ितों का नाम जोड़ने के बाद तथ्य को जांचने कर दावों को पुष्टि करने का भार भी आयोग के ऊपर था ऐसे में एक सदस्य आयोग के देहावसान के बाद नया आयोग की सिरफिश की जरूरत होगी.
राज्य सरकार दस्तावेज नहीं होने पर मुआवजा देने से इनकार की कर रही तैयारी
राज्य सरकार अब तक 41 सिख दंगा पीड़ितों को मुआवजा देने के बाद में नए जुड़े पीड़ितों के मामले में तथ्य और दावों को वैध नहीं पाने का हवाला देते हुए मुआवजा से इनकार करने की तैयारी कर रही है सरकार ने अदालत से समय लेते हुए प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर रही है.

