Jamshedpur: नालसा और झालसा के निर्देश पर चलाए जा रहे 90 दिवसीय कानूनी जागरूकता अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की मोबाइल वैन शनिवार को बोड़ाम प्रखंड के सुदूर इलाकों में पहुंची. बंगाल सीमा से सटे पोखरिया पंचायत के विभिन्न गांवों में पहुंचकर डालसा की टीम ने ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी.
ग्रामीणों को निःशुल्क कानूनी सहायता मिली
डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी के मार्गदर्शन में पैरा लीगल वालंटियर्स (पीएलवी) की टीम ने मोबाइल वैन के माध्यम से गांव-गांव जाकर जागरूकता अभियान चलाया. इस दौरान ग्रामीणों को निःशुल्क कानूनी सहायता, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी समस्याओं के समाधान की जानकारी दी गई.

DLSA के माध्यम से कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है
अभियान के दौरान ग्रामीणों को बताया गया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को बिना किसी शुल्क के कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है. पारिवारिक विवाद, बिजली विभाग से जुड़ी समस्या, बैंक ऋण विवाद समेत कई मामलों का समाधान आपसी समझौते के आधार पर कराया जा सकता है.इसके अलावा ग्रामीणों को मातृत्व लाभ, बाल संरक्षण, आपदा राहत, दुर्घटना बीमा, पेंशन योजना, नागरिकों के मौलिक अधिकार और कर्तव्यों सहित कई सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई. पीएलवी ने लोगों को आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, वोटर कार्ड और जाति प्रमाण पत्र बनवाने में आने वाली परेशानियों के समाधान के लिए डालसा से संपर्क करने की अपील की.

महिलाओं के लिए विशेष जारूकता कार्यक्रम
वहीं, बोड़ाम के डॉकबंगला भवन में महिलाओं के लिए विशेष जारूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें महिलाओं को घरेलू हिंसा, बाल विवाह, बाल श्रम, पोक्सो एक्ट, मानव तस्करी और नशा उन्मूलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई. महिलाओं को बताया गया कि किसी भी कानूनी समस्या के समाधान के लिए स्थानीय लीगल एड क्लीनिक या सिविल कोर्ट स्थित डालसा कार्यालय से सहायता ली जा सकती है.इस जागरूकता अभियान को सफल बनाने में डालसा के पीएलवी (अधिकार मित्र) नागेंद्र कुमार, दिलीप जायसवाल, निताई चंद्र गोराई, सुशेन महतो, अनिल कुमार, प्रकाश शांडिल और मोबाइल वैन चालक सुदामा यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.डालसा की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक कानूनी जानकारी पहुंचाना और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना है.
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