Giridih: जिले के सरिया थाना क्षेत्र के बाल्हेडीह गांव के जंगल में संचालित अवैध पत्थर खदान पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई के बाद अब पत्थर माफियाओं के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू हो गया है. सहायक जिला खनन पदाधिकारी विश्वनाथ उरांव के आवेदन पर सरिया थाना में 17 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है. आरोपियों पर अवैध खनन, विस्फोटक अधिनियम (एक्सप्लोसिव एक्ट) समेत कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. प्रशासन का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.
छापेमारी में भारी मात्रा में विस्फोटक और मशीनें जब्त
यह पूरी कार्रवाई एसडीएम संतोष गुप्ता के नेतृत्व में की गई थी. छापेमारी के दौरान जंगल में चल रहे अवैध खनन का बड़ा नेटवर्क उजागर हुआ. मौके से भारी मात्रा में जिलेटिन (विस्फोटक), तीन ड्रिल मशीन, तीन ट्रैक्टर तथा दो जेसीबी-पोकलेन मशीनें जब्त की गईं. इसके अलावा अवैध खनन में लगे छह मजदूरों को भी मौके से हिरासत में लिया गया था.
6 आरोपियों को भेजा गया जेल
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. जेल भेजे गए आरोपियों में अजय मेहता एवं अरबिंद मेहता (डोमचांच), सीटन तूरी (नवादा, बिहार), दशरथ राय, मुकेश तूरी तथा सोमर राय (नवलशाही, कोडरमा) शामिल हैं.
मुख्य आरोपियों के नाम भी FIR में शामिल
प्राथमिकी में जिन मुख्य आरोपियों को नामजद किया गया है, उनमें सुरेश साव (चलकुशा, हजारीबाग), नरेश पासवान, बलदेव यादव (नवलशाही), मो. ताजुद्दीन (राजधनवार), बीरबल मेहता, साबिर मियां (डोमचांच), मुकुंद चौधरी (चौबे), इब्राहिम मियां (जयनगर) तथा स्थानीय बाल्हेडीह निवासी तुलो यादव और नरेश मोदी के नाम शामिल हैं. कुल 17 लोगों को इस अवैध कारोबार का आरोपी बनाया गया है.
2025 में भी हुई थी कार्रवाई
इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि खनन विभाग ने अपने आवेदन में साफ उल्लेख किया है कि अधिकांश आरोपी पुराने अवैध खनन कारोबारी हैं. वर्ष 2025 में भी इन्हीं लोगों के खिलाफ सरिया थाना में अवैध पत्थर उत्खनन का मामला दर्ज किया गया था. उस समय कार्रवाई के बाद आरोपी जमानत पर बाहर आ गए थे, लेकिन जेल से निकलते ही फिर उसी स्थान पर अवैध खनन का धंधा शुरू कर दिया.
प्रशासन ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
खनन विभाग का मानना है कि यह संगठित गिरोह लंबे समय से जंगलों और सरकारी भूमि में अवैध विस्फोट कर पत्थरों का उत्खनन कर रहा था. इससे सरकार को राजस्व का भारी नुकसान होने के साथ-साथ पर्यावरण और आसपास के ग्रामीणों की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा था.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इस धंधे से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. पुलिस की टीम फरार नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है और जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
