रांची: राज्य में अपराध पर लगाम कसने और कानून-व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में झारखंड सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को झारखंड विधानसभा परिसर से झारखंड पुलिस के 1485 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने न केवल पुलिस के आधुनिकीकरण पर जोर दिया, बल्कि आम नागरिकों से भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की.

तकनीक और संसाधनों से लैस होगी राज्य पुलिस
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में अपराध के बदलते स्वरूप को देखते हुए पुलिस विभाग तकनीक के साथ तालमेल बिठा रहा है. शहर से लेकर ग्रामीण स्तर तक होने वाली आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस महकमा पूरी तरह कटिबद्ध है. उन्होंने आगे कहा कि राज्य के विभिन्न थानों और क्षेत्रों के लिए नए गश्ती वाहनों का वितरण किया गया है, ताकि पुलिस की पहुंच दुर्गम इलाकों तक त्वरित रूप से हो सके.
रांची के धुर्वा से बच्चा लापता होने के मामले का जिक्र, पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना
संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस की हालिया सफलता का उदाहरण देते हुए धुर्वा की एक घटना का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि कैसे एक लापता बच्चे के मामले में पुलिस ने तत्परता दिखाई और न केवल बच्चे को सुरक्षित बरामद किया, बल्कि एक अंतरराज्यीय गिरोह का भी पर्दाफाश किया. उन्होंने कहा कि पुलिस को अपनी जिम्मेदारी हर हाल में पूरी करनी होगी.
अपराधी घटना को अंजाम देने से पहले दो मिनट जरूर सोचेगा: सीएम
सीएम ने पुलिस के सेवा भाव के प्रति आभार प्रकट किया. हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि विभाग में कुछ ऐसे लोग भी होते हैं, जिनकी वजह से पूरे महकमे को शर्मसार होना पड़ता है. लेकिन उन्होंने सकारात्मकता पर जोर देते हुए कहा कि जब बड़ी उपलब्धियां हासिल होती हैं, तो छोटी कमियों को पीछे छोड़ आगे बढ़ना चाहिए. सरकार का मानना है कि इस नई सर्विलांस व्यवस्था और बढ़ते संसाधनों के बाद अब राज्य में कोई भी अपराधी घटना को अंजाम देने से पहले दो मिनट जरूर सोचेगा. पुलिस की बढ़ती सक्रियता और आधुनिक तकनीक अपराधियों के हौसले पस्त करने के लिए तैयार है.

नागरिकों की जिम्मेदारी और सहयोग की अपील
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा केवल पुलिस के भरोसे संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि सिर्फ आरोप लगाने से समस्याओं का समाधान नहीं होता. अक्सर घटना के बाद समाधान खोजने के बजाय आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो जाता है. एक सुरक्षित समाज तभी संभव है जब आम नागरिक भी अपनी जिम्मेदारी को समझें और पुलिस का सहयोग करें.
उन्होंने आगे कहा कि विकसित जगहों पर नागरिक अपनी सुरक्षा के प्रति बहुत जागरूक होते हैं. अगर यहां के नागरिक जागरूक नहीं होंगे, तो छोटी-छोटी बातें भी जानलेवा साबित हो सकती हैं.
कई नौजवानों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए
पिछले कई दिनों से नए थाना भवनों के निर्माण और उनके लोकार्पण की प्रक्रिया चल रही थी, जिसका आज शिलान्यास किया गया. इसके साथ ही पुलिस बल को मजबूती देने के लिए कई नौजवानों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए हैं, जो जल्द ही राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देंगे.

