NewsWave Desk : जून महीने में भारत ने रूस से 49000 करोड़ रूपये का कच्चा तेल रूस से खरीदा. इसके साथ ही भारत विश्व के बड़े तेल खरीदार देशों में शामिल हो गया है. सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर CREA की एक रिपोर्ट के अनुसार, जून 2026 में भारत ने रूस से कुल 5.5 अरब यूरो के हाइड्रोकार्बन (जीवाश्म ईंधन) खरीदा. इसमें से 83 फीसदी हिस्सा अकेले कच्चा तेल का रहा. जो 4.5 अरब यूरो यानी 49000 करोड़ रुपये का था. इसके साथ ही भारत चीन के बाद दूनिया का सबसे बड़ा तेल खरीदार देश बन गया है. जहां रूसी तेल का दूसरा सबसे बड़ा हिस्सा तेल का खरीदा गया. जानकारी हो कि फरवरी में हुए अमेरिका और ईरान युद्ध के दौरान देश में ईंधन संकट हुआ था. इस दौरान भारत सरकार ने खाड़ी देशों पर ईंधन की निर्भरता कम करने के लिये रूस से ईंधन आयात कराया था.
अन्य देशों में बेच रहा भारत तेल
भारत रूस से कम कीमत पर तेल खरीदकर अन्य देशों में बेच रहा है. खरीदे गये कच्चा तेल को रिफाइन कर अमेरिका और यूरोपीय बाजारों में पेट्रोलियम उत्पादों के रूप में बेचा जा रहा है. रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि जून 2026 में ब्रिटेन ने रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी से रूसी कच्चे तेल से तैयार जेट ईंधन की अपनी पहली खेप प्राप्त की. जिसकी कीमत लगभग 63 मिलियन यूरो रही.
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