Ranchi: सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता प्रयाग महतो की याचिका पर सुनवाई हुई. सोमवार की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने प्रयाग महतो को यह निर्देश दिया है कि हाई पावर अपील कमिटी के समक्ष अपना मामला ले जाएं. अदालत ने कमिटी (ट्रिब्यूनल) को यह निर्देश दिया है कि दो सप्ताह के अंदर अपना आदेश पारित करें. इसके साथ ही अदालत ने कमिटी को यह भी निर्देश दिया है कि बार काउंसिल ऑफ इण्डिया के आदेश से बिना प्रभावित हुए अपना आदेश पारित करें. अधिवक्ता प्रयाग महतो की ओर से सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता कुमुद लता दास ने बहस की. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की खंडपीठ में इस मामले की सुनवाई हुई. अधिवक्ता महेश तिवारी की ओर से अधिवक्ता सुब्रो सान्याल ने बहस की.
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क्या है पूरा मामला?
दरअसल झारखंड स्टेट बार काउंसिल में अपनी कुर्सी जमाए रखने की क़ानूनी लड़ाई जारी है. चुनाव के बाद अब तक 23 उम्मीदवारों को सफल घोषित किया जा चुका है, लेकिन गजट नोटिफिकेशन में सिर्फ 22 सदस्यों के नाम की ही घोषणा हुई है. पिछले दिनों हुए गजट नोटिफिकेशन में प्रयाग महतो का नाम शामिल नहीं किया गया था, जिसके बाद गजट नोटिफिकेशन में शामिल नहीं किये जाने के मामले और बार काउंसिल ऑफ इण्डिया के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.
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