गिरिडीह: नीरज हाजरा हत्याकांड का खुलासा, होने वाली पत्नी और साढ़ू निकले कातिल, दोनों गिरफ्तार

Giridih: गिरिडीह जिले के बहुचर्चित नीरज हाजरा अपहरण एवं हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर...

Neeraj Hazra murder case
गिरफ्तार आरोपी

Giridih: गिरिडीह जिले के बहुचर्चित नीरज हाजरा अपहरण एवं हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के अनुसार, इस जघन्य वारदात की साजिश किसी बाहरी दुश्मनी के कारण नहीं, बल्कि प्रेम प्रसंग के चलते रची गई थी. मामले में मृतक की होने वाली पत्नी उर्मिला कुमारी और उसके साढ़ू सुभाष पासवान को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस का दावा है कि दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था और नीरज उनकी राह का सबसे बड़ा बाधक बन गया था. इसी कारण उसकी हत्या की योजना बनाई गई थी.

4 जुलाई को लापता हो गया था नीरज 

जानकारी के अनुसार, जमुआ थाना क्षेत्र के भिखोडीह गांव निवासी नीरज हाजरा राजस्थान में मजदूरी करता था. परिवार ने उसकी शादी 7 जुलाई 2026 को तय की थी. शादी की तैयारियों के बीच नीरज 4 जुलाई को राजस्थान से अपने गांव लौटा, लेकिन उसी दिन रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया. काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिलने पर 5 जुलाई को उसके पिता सुभाष हाजरा ने जमुआ थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने कांड संख्या 201/2026 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की.

जमुई जिले के बेला जंगल से मिला नीरज का शव 

जांच के दौरान पुलिस को बिहार के जमुई जिले के बेला जंगल से एक अज्ञात युवक का शव मिलने की सूचना मिली. पहचान कराए जाने पर शव नीरज हाजरा का निकला. इसके बाद मामला अपहरण से हत्या में बदल गया और पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन ट्रैकिंग तथा अन्य वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर जांच को तेज कर दिया. गहन अनुसंधान के दौरान पुलिस का शक नीरज की होने वाली पत्नी उर्मिला कुमारी और उसके साढ़ू सुभाष पासवान पर गया. दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें कई अहम खुलासे हुए.

हत्या में इस्तेमाल किए गए दो चाकू बरामद

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि दोनों के बीच प्रेम संबंध था. परिवार द्वारा उर्मिला की शादी नीरज से तय किए जाने के बाद दोनों ने नीरज को रास्ते से हटाने की योजना बनाई. इसी साजिश के तहत नीरज की हत्या कर उसके शव को बिहार के बेला जंगल में फेंक दिया गया, ताकि पहचान छिपाई जा सके और पुलिस को गुमराह किया जा सके. पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त एक होंडा स्कूटी और हत्या में इस्तेमाल किए गए दो चाकू भी बरामद किए हैं. बरामद सामान को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है. पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध सभी साक्ष्यों को मजबूत किया जा रहा है, ताकि आरोपियों के खिलाफ अदालत में प्रभावी ढंग से अभियोजन चलाया जा सके.

मामले के खुलासे के लिए किया गया एक विशेष छापेमारी दल का गठन 

इस चर्चित मामले के खुलासे के लिए गिरिडीह पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार के निर्देश पर एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया था. टीम ने लगातार कई दिनों तक तकनीकी अनुसंधान, पूछताछ और विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश किया.
इस अभियान में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार, इंस्पेक्टर प्रदीप दास, जमुआ थाना प्रभारी विभूति देव, रोहित कुमार सिंह, छाया किस्कू, रोशन कुमार, मणिलाल सिंह, संजय यादव, सुमित कुमार सिंह, वेद प्रकाश पांडेय सहित पुलिस टीम के अन्य अधिकारियों एवं जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही.

शादी से ठीक पहले हुए इस हत्याकांड के सनसनीखेज खुलासे ने पूरे गिरिडीह और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को स्तब्ध कर दिया है. प्रेम प्रसंग से जुड़ी इस हत्या की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है. वहीं पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच पूरी कर शीघ्र ही आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा.

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