Giridih: जिले में कौशल विकास और श्रम विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को समाहरणालय सभागार में उप विकास आयुक्त (DDC) स्मृता कुमारी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित हुई. बैठक में कौशल विकास, श्रम विभाग और जिला नियोजन कार्यालय की योजनाओं की विभागवार एवं प्रखंडवार समीक्षा की गई.
प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की पहल
DDC ने अधिकारियों से कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को निजी और सरकारी क्षेत्रों में रोजगार दिलाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं. वहीं, स्वरोजगार शुरू करने के इच्छुक युवाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया. उन्होंने कहा कि झारखंड के युवाओं में उद्यमशीलता को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है.
बाल श्रम के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का निर्देश
बैठक में बाल श्रम उन्मूलन अभियान की समीक्षा करते हुए DDC ने स्पष्ट कहा कि किसी भी परिस्थिति में बाल श्रम स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, मॉल, वी-मार्ट, नर्सिंग होम, ऑटोमोबाइल स्पेयर पार्ट्स की दुकानों सहित अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में विशेष अभियान चलाकर नाबालिग बच्चों की पहचान और रेस्क्यू सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
बाल श्रम कराने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
DDC ने कहा कि बाल श्रम कराने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार सीलिंग, जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाए. उन्होंने अधिकारियों को सुबह और रात के समय ईंट-भट्टों, होटलों और अन्य संभावित स्थानों पर नियमित छापेमारी अभियान चलाने का भी निर्देश दिया, ताकि बाल श्रम पर प्रभावी रोक लगाई जा सके.
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दुकानों का पंजीकरण और योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर जोर
ग्रामीण क्षेत्रों में दुकानों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के पंजीकरण की समीक्षा करते हुए DDC ने अधिक से अधिक दुकानों का निबंधन सुनिश्चित करने को कहा. साथ ही श्रम विभाग और कौशल विकास विभाग की योजनाओं का सोशल मीडिया सहित विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थी योजनाओं का लाभ उठा सकें.
लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई
बैठक के अंत में DDC स्मृता कुमारी ने अधिकारियों को संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर की लापरवाही, उदासीनता या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई गई तो संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
