Ranchi: रांची के जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आयोजित साप्ताहिक जनता दरबार में आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान देखने को मिला. जनता दरबार में जहां जरूरतमंदों को तत्काल राहत मिली, वहीं सरकारी काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए. जनता दरबार का सबसे भावुक दृश्य उस समय देखने को मिला, जब दोनों पैरों से दिव्यांग दीपक कुमार महतो हाथों के सहारे समाहरणालय पहुंचे. उनकी परेशानी सुनने के बाद उपायुक्त ने उन्हें तुरंत इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई. ट्राईसाइकिल मिलने के बाद दीपक खुद उसे चलाकर घर लौटे. इस दौरान उन्होंने और उनकी पत्नी ने सरकार व जिला प्रशासन का आभार जताया. उपायुक्त ने स्वयं उन्हें ट्राईसाइकिल पर बैठाकर रवाना किया. इसी दौरान बूटी मोड़ निवासी एक व्यक्ति अपनी गर्भवती पत्नी के इलाज के लिए मदद मांगने पहुंचे. उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी के दिल में छेद है और सुरक्षित प्रसव के लिए करीब चार लाख रुपये की जरूरत है. मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने तत्काल सिविल सर्जन से फोन पर बात कर महिला के बेहतर इलाज और सुरक्षित प्रसव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
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राजस्व से जुड़ी शिकायतों पर उपायुक्त का कड़ा रुख
जनता दरबार में राजस्व से जुड़ी शिकायतों पर उपायुक्त ने सख्त रुख अपनाया. रातू अंचल अधिकारी रवि कुमार के खिलाफ चार मामलों में कारण बताओ नोटिस (शोकॉज) जारी करने और एक मामले में विभागीय कार्रवाई (प्रपत्र-क) शुरू करने का निर्देश दिया. शिकायतों में ऑनलाइन लगान रसीद जारी नहीं करना, परिशोधन के बाद भी रिकॉर्ड में सुधार नहीं करना और लंबे समय तक मामलों को लंबित रखना शामिल था. वहीं, अनगड़ा अंचल अधिकारी के खिलाफ भी बिना उचित कारण म्यूटेशन आवेदन खारिज करने के मामले में शोकॉज जारी करने और विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया. महेशपुर मौजा में फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन हड़पने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने डीसीएलआर और अंचल अधिकारी को विस्तृत जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया. इसके अलावा मोरहाबादी की सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण और व्यावसायिक उपयोग की शिकायत पर एसडीओ (सदर) और नगर निगम को संयुक्त जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए. सिल्ली प्रखंड में आंगनबाड़ी सेविका चयन में गड़बड़ी की शिकायत पर भी जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का आदेश दिया गया.

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