विधि-व्यवस्था के बजाय अफसरों के घरों में काम कर रहे होमगार्ड जवान, पढ़िए एसोसिएशन ने क्या कहा

विनीत आभा उपाध्याय Ranchi: झारखंड में होमगार्ड जवानों की प्रतिनियुक्ति को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है. झारखंड सरकार और पुलिस...

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विनीत आभा उपाध्याय

Ranchi: झारखंड में होमगार्ड जवानों की प्रतिनियुक्ति को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है. झारखंड सरकार और पुलिस मुख्यालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद राज्य के अधिकांश जिलों में होमगार्ड जवानों की सेवाओं का दुरुपयोग हो रहा है और उन्हें कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपने के बजाय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के आवासों पर घरेलू काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है.

राजीव कुमार तिवारी ने एक प्रेस बयान जारी कर कहा 

झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव राजीव कुमार तिवारी ने एक प्रेस बयान जारी कर इस गंभीर विषय पर सरकार और पुलिस मुख्यालय का ध्यान आकर्षित किया है और इस व्यवस्था पर गहरी चिंता जाहिर की है. राजीव तिवारी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि झारखंड सरकार ने पूर्व में यह स्पष्ट निर्देश जारी किया गया था कि होमगार्ड जवानों की प्रतिनियुक्ति विधि-व्यवस्था, विभिन्न थानों, ओपी (आउटपोस्ट) और सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण कार्यों में की जाए. सरकार का उद्देश्य राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना और होमगार्ड संगठन की कार्यक्षमता को बढ़ाना था लेकिन धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है. अधिकांश जिलों में होमगार्ड जवानों को विधि-व्यवस्था के दायित्वों से दूर रखकर अधिकारियों के सरकारी और निजी आवासों पर तैनात कर दिया गया है. जवानों से अधिकारियों के घरों में खाना बनवाने, झाड़ू-पोछा कराने और अन्य घरेलू व निजी कामकाज कराए जा रहे हैं, जो उनके सम्मान और सेवा शर्तों के खिलाफ है. इस तरह के शोषण से होमगार्ड जवानों के मनोबल और संगठन की कार्यक्षमता पर बेहद बुरा असर पड़ रहा है.

एसोसिएशन ने सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग की 

इस गंभीर मुद्दे पर नाराजगी जताते हुए झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन ने सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है. एसोसिएशन ने गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय समेत सभी जिलों को कड़ी हिदायत दे कि होमगार्ड जवानों की प्रतिनियुक्ति केवल थानों, ओपी और विधि-व्यवस्था ड्यूटी में ही हो. जिन जिलों में सरकारी आदेशों की अवहेलना कर जवानों से घरेलू काम कराया जा रहा है वहां तुरंत जांच और समीक्षा की जाए तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई हो. होमगार्ड जवानों के सम्मान की रक्षा की जाए और उनकी ड्यूटी केवल सुरक्षा व जनसेवा से जुड़े कार्यों में सुनिश्चित की जाए ताकि उनका मनोबल मजबूत हो सके.

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