Hazaribagh: हजारीबाग-बड़कागांव मुख्य मार्ग पर भारी वाहनों का बढ़ता दबाव अब आम लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है. फतहा चौक से पहले पुंदरी जंगल के समीप बन रहे बनारस-कोलकाता एक्सप्रेसवे निर्माण कार्य के कारण सड़क किनारे बड़ी संख्या में हाईवा और डंपर खड़े किए जा रहे हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क के किनारे वाहनों की लंबी कतार लगने से एक लेन लगभग पूरी तरह बाधित हो गई है, जिससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है.
सड़क पर कब्जे से प्रभावित हो रहा यातायात
स्थानीय लोगों के अनुसार निर्माण कार्य में लगे हाईवा सड़क के किनारे घंटों खड़े रहते हैं. इससे सड़क संकरी हो जाती है और दोपहिया व छोटे वाहनों को निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. व्यस्त समय में जाम की स्थिति भी बन जाती है.
स्टोन डस्ट और धूल से लोग परेशान
निर्माण सामग्री की ढुलाई के दौरान उड़ने वाली स्टोन डस्ट और धूल से आसपास के गांवों के लोग परेशान हैं. दिनभर सड़क पर धूल का गुबार छाया रहता है, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों को सांस लेने में दिक्कत के साथ आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.
लगातार बढ़ रहा हादसों का खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों के कारण कई बार वाहन चालक अचानक सामने आए डंपरों से टकराने से बाल-बाल बचे हैं. हाल के दिनों में इस मार्ग पर कई सड़क दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों और राहगीरों ने जिला प्रशासन से सड़क किनारे की अवैध पार्किंग हटाने, निर्माण सामग्री की ढुलाई के दौरान धूल नियंत्रण के उपाय करने तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने की मांग की है. लोगों का कहना है कि एक्सप्रेसवे निर्माण महत्वपूर्ण परियोजना है, लेकिन इसके नाम पर आम जनता की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए. प्रशासन द्वारा प्रभावी कार्रवाई किए जाने तक लोगों में दुर्घटना और अव्यवस्था को लेकर चिंता बनी हुई है.
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