DMFT फंड को लेकर बाबूलाल ने फिर सरकार पर साधा निशाना

Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) फंड को लेकर...

Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) फंड को लेकर हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला. बरायबुरु में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि चाईबासा को पिछले 10 वर्षों में करीब 3,700 करोड़ का DMFT फंड मिला, लेकिन खनन प्रभावित इलाकों की हालत आज भी बदहाल है. उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी राशि के बावजूद न सड़कें सुधरीं, न पेयजल की समस्या दूर हुई और न ही स्वास्थ्य व शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं में अपेक्षित सुधार दिखा.

DMFT फंड का इस्तेमाल करने में सरकार विफल 

मरांडी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खदान प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए DMFT फंड की व्यवस्था की थी, ताकि वहां रहने वाले लोगों को बेहतर सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाएं मिल सकें. लेकिन झारखंड सरकार इस फंड का सही इस्तेमाल करने में पूरी तरह विफल रही है.

खदान क्षेत्रों की तस्वीर बदलने की थी उम्मीद 

उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में हर साल औसतन 300 करोड़ से अधिक की राशि चाईबासा जिले को मिली. ऐसे में उम्मीद थी कि खदान क्षेत्रों की तस्वीर बदल जाएगी, लेकिन दो दिनों तक सारंडा और आसपास के गांवों का दौरा करने के बाद भी उन्हें विकास का कोई ठोस असर दिखाई नहीं दिया.

सरकार की नाकामीयों को किया उजागर 

मरांडी ने कहा कि 25 साल पहले जब वह इस इलाके में आए थे, तब भी लोग आयरनयुक्त लाल पानी पीने को मजबूर थे. अफसोस की बात है कि आज भी स्थिति लगभग वैसी ही बनी हुई है. उन्होंने इसे सरकार की नाकामी बताते हुए कहा कि करोड़ों रुपये मिलने के बावजूद लोगों की बुनियादी समस्याएं जस की तस हैं.

DMFT फंड के खर्च की हो निष्पक्ष जांच 

नेता प्रतिपक्ष ने DMFT फंड के खर्च पर सवाल उठाते हुए इसकी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि हजारों करोड़ रुपये आखिर कहां खर्च हुए और उसका लाभ खनन प्रभावित लोगों तक क्यों नहीं पहुंचा.

ग्रामीणों की समस्याओं को सरकार के समक्ष रखेंगे बाबूलाल 

मरांडी ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि वह उनकी समस्याओं को जिला प्रशासन और राज्य सरकार के समक्ष मजबूती से उठाएंगे. साथ ही इस पूरे मामले को झारखंड विधानसभा में भी प्रमुखता से उठाकर जवाब मांगेंगे. बरायबुरु में आयोजित जनसभा और जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं. इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, पूर्व सांसद गीता कोड़ा, पूर्व मंत्री बड़कुंवर गगराई सहित भाजपा के कई नेता, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे.

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