New Delhi: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ (Reform Express) पहल के तहत भारतीय रेल के आधुनिकीकरण के लिए 8 और महत्वपूर्ण संरचनात्मक सुधारों की घोषणा की. इसके साथ ही इस पहल के अंतर्गत अब तक लागू सुधारों की कुल संख्या 17 हो गई है. रेल भवन में मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, कि यह पहल मंत्रालय के “52 सप्ताह में 52 सुधार” के लक्ष्य का हिस्सा है. इससे दक्षता बढ़ेगी, नवाचार को प्रोत्साहन मिलेगा और रेलवे पारिस्थितिकी तंत्र और सुदृढ़ होगा.
घोषित 8 नए सुधार
1. सुधार-10: फ्लाई ऐश परिवहन
प्रदूषण रोकने के लिए अब फ्लाई ऐश का परिवहन खुले वैगनों की जगह विशेष ISO मानक कंटेनरों से होगा. इसे ऊपर से भरा और साइड डिस्चार्ज/न्यूमैटिक सिस्टम से खाली किया जा सकेगा. इससे धूल प्रदूषण रुकेगा, लॉजिस्टिक्स सुधरेगा और सड़क पर निर्भरता घटेगी. वित्त वर्ष 2025-26 में रेल ने 13 मिलियन टन फ्लाई ऐश ढोई.
2. सुधार-11: कंटेनर क्षेत्र में सुधार
CTO लाइसेंस की 4 श्रेणियों को खत्म कर पूरे नेटवर्क के लिए एकीकृत पैन-इंडिया लाइसेंस लागू. ₹25 करोड़ एकमुश्त शुल्क, 20 साल वैधता, नवीनीकरण पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं. इससे निजी निवेश और कंटेनरीकरण बढ़ेगा.
3. सुधार-12: उर्वरक परिवहन
50 से अधिक मालभाड़ा स्लैब की जटिलता खत्म. अब प्रति टन प्रति किलोमीटर आधारित सरल शुल्क. कंटेनर से परिवहन की अनुमति. इससे रेक की रोक कम होगी, वैगन टर्नअराउंड सुधरेगा और बारिश से नुकसान बचेगा. रेल देश के 85% उर्वरक ढोती है.
4. सुधार-13: कारीगरों का कौशल विकास
वेल्डिंग, फिटिंग, राजमिस्त्री जैसे सुरक्षा-संवेदनशील कार्यों के लिए पहचान, मूल्यांकन और QR कोड आधारित प्रमाणन. शुरुआत बड़े पुल-सुरंग परियोजनाओं से 24 महीने में सभी जोनों तक विस्तार.
5. सुधार-14: निर्माण क्षेत्र में सुधार
- अनुबंध शुरू में 10% परफॉर्मेंस सिक्योरिटी अनिवार्य
- नेटवर्थ के 50% से अधिक लंबित मुकदमे वाले ठेकेदार अपात्र
- Contractor’s All Risk और Professional Indemnity बीमा अनिवार्य
- CRIS का Rail Bhoomi पोर्टल से भूमि अधिग्रहण पूरी तरह डिजिटल
6. सुधार-15: वैगन डिज़ाइन स्वीकृति नीति
उद्योग अब अपनी जरूरत के हिसाब से विशेष माल वैगन डिजाइन कर सकेंगे. RDSO की मंजूरी, प्रोटाइप, परीक्षण और बोर्ड की अनुमति के बाद सेवा में. इस्पात, पेट्रोलियम, रसायन, दुग्ध क्षेत्र को लाभ.
7. सुधार-16: पेट्रोलियम उत्पादों का परिवहन
तेल कंपनियां अब अपने विशेष टैंक वैगन खरीद या लीज पर लेकर चला सकेंगी. इससे लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी, सड़क पर निर्भरता कम होगी और मिलावट का जोखिम घटेगा.
8. सुधार-17: खाद्यान्न, आटा एवं दालों का परिवहन
प्रति टन प्रति किमी सरल शुल्क और कंटेनर से परिवहन की अनुमति. चरणबद्ध वितरण संभव, सीलबंद कंटेनर से गुणवत्ता सुरक्षित, पूरे रेक रोकने की जरूरत नहीं.
पहले लागू 9 सुधार
ऑन-बोर्ड सफाई, गति शक्ति कार्गो टर्मिनल, रेलटेक पोर्टल, रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल का डिजिटलीकरण, नमक-ऑटो के लिए विशेष कंटेनर, निर्माण गुणवत्ता के 7 सुधार, टिकट रद्दीकरण-रिफंड सरलीकरण, बोर्डिंग प्वाइंट बदलाव की डिजिटल सुविधा.
रेल मंत्री ने कहा कि इन सुधारों से सड़क से रेल की ओर माल ढुलाई का बड़ा शिफ्ट होगा. इससे लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और कार्बन उत्सर्जन सड़क की तुलना में 90% तक कम होगा.
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